Air India Gets Show Cause Notice: एयर इंडिया को मिला कारण बताओ नोटिस

Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Taushif Shekh
44 मिनट पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Kavya Mishra
1 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तीन इतालवी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए जर्मनी के म्यूनिख के लिए रवाना होने का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक तीनों यात्री 4 सितंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे और इसके बाद उन्हें Lufthansa की फ्लाइट LH-763 से म्यूनिख जाना था। दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को अनिवार्य इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरना था, लेकिन वे इसके बजाय इंटरनेशनल ट्रांसफर क्षेत्र में पहुंच गए और Lufthansa की उड़ान से भारत से बाहर चले गए।
एयर इंडिया को सात दिन में जवाब देने का निर्देश
इस मामले को गंभीर सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी चूक मानते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रिपोर्टों के अनुसार मंत्रालय ने एयर इंडिया से पूछा है कि घरेलू क्षेत्र से आए इन यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर क्षेत्र तक कैसे पहुंचने दिया गया और यात्रियों की प्रक्रिया में चूक किस स्तर पर हुई। एयर इंडिया को नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
D और I बोर्डिंग पास को लेकर उठे सवाल
जांच में सामने आया है कि यात्रियों के पास अमृतसर से दिल्ली की यात्रा के लिए ‘D’ बोर्डिंग पास था, जबकि आगे Lufthansa की यात्रा के लिए भी बोर्डिंग पास जारी किया गया था। मंत्रालय अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि घरेलू यात्रा से आने वाले यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर क्षेत्र तक किस प्रक्रिया के तहत पहुंचाया गया। रिपोर्टों में इसे पैसेंजर हैंडलिंग प्रक्रिया की गंभीर खामी बताया गया है और एयर इंडिया की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गृह मंत्रालय ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई है। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, इमिग्रेशन और एयरपोर्ट से जुड़े संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि तीन विदेशी यात्रियों को अनिवार्य इमिग्रेशन जांच से गुजरे बिना अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र तक पहुंचने और आगे की उड़ान पकड़ने का मौका कैसे मिला।
हब एंड स्पोक मॉडल पर भी उठे सवाल
यह घटना एयर इंडिया के हब एंड स्पोक मॉडल में घरेलू से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग यात्रियों की हैंडलिंग को लेकर भी सवाल खड़े करती है। अमृतसर से दिल्ली आने के बाद यात्रियों को आगे अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी थी, लेकिन घरेलू से अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के कारण वे जरूरी इमिग्रेशन जांच से बच गए। अब संबंधित एजेंसियां इस प्रक्रिया की समीक्षा कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके और यात्रियों की आवाजाही पर जरूरी सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
मामले की जांच जारी, जिम्मेदारी तय होने का इंतजार
फिलहाल मामले में एयर इंडिया से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है और सरकार की ओर से संबंधित एजेंसियों के साथ प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस चूक के लिए किसी एक अधिकारी या एजेंसी की अंतिम जिम्मेदारी तय हो गई है। जांच में एयरलाइन स्टाफ, यात्री हैंडलिंग प्रक्रिया और एयरपोर्ट पर लागू इमिग्रेशन एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।






