Pilot Fatigue Raises Safety Concerns: स्टडी में खुलासा, उड़ान के दौरान सो जाते हैं कई पायलट

स्टडी में खुलासा, उड़ान के दौरान सो जाते हैं कई पायलट
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उड़ान के दौरान पायलटों की नींद को लेकर अध्ययन में खुलासा
यूरोपियन कॉकपिट एसोसिएशन (ECA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 7,200 पायलटों में से 76.8 प्रतिशत ने बताया कि वे पिछले चार हफ्तों में कम से कम एक बार उड़ान के दौरान कंट्रोल पर रहते हुए सो गए थे। यह आंकड़ा पायलटों की थकान और विमानन सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाता है। हालांकि, यह सर्वे में शामिल पायलटों के जवाबों पर आधारित निष्कर्ष है, सभी पायलटों की स्थिति का प्रतिनिधित्व जरूरी नहीं करता।

 

क्या होता है माइक्रोस्लीप?
माइक्रोस्लीप कुछ सेकंड के लिए होने वाली अनैच्छिक नींद है, जिसका एहसास व्यक्ति को हमेशा नहीं होता। इस दौरान व्यक्ति जागता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन उसका ध्यान और जानकारी को समझने की क्षमता कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। वाहन या विमान संचालन जैसे कामों में ऐसी स्थिति सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

 

आराम की कमी और लगातार थकान
रिपोर्ट में 38.8 प्रतिशत पायलटों ने बताया कि उन्हें अक्सर या हमेशा पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। लगातार थकान और नींद की कमी से सतर्कता प्रभावित हो सकती है। सर्वे में केवल 37.2 प्रतिशत पायलटों ने कहा कि अस्वस्थ या थका हुआ महसूस करने पर वे इसकी रिपोर्ट करते हैं, जबकि 24.2 प्रतिशत ने बताया कि वे ऐसा नहीं करते। कुछ पायलटों ने इसकी वजह अनुशासनात्मक कार्रवाई या प्रबंधन की नाराजगी का डर बताया।

 

ड्यूटी अवधि बढ़ाने को लेकर भी चिंता
अध्ययन में कमांडर के विवेकाधिकार के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठे। सर्वे में 38.3 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने कम से कम एक बार इस प्रावधान का इस्तेमाल किया, जबकि 15.2 प्रतिशत ने दो या उससे अधिक बार इसका उपयोग करने की बात कही। करीब 69.1 प्रतिशत पायलटों ने चिंता जताई कि ड्यूटी की समय-सीमा बढ़ाने से इनकार करने पर नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह प्रावधान कुछ परिस्थितियों में फ्लाइट के प्रभारी पायलट को निर्धारित ड्यूटी अवधि बढ़ाने या आराम का समय घटाने की अनुमति देता है।

 

 

विमानन सुरक्षा एजेंसी ने जताई गंभीरता
यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने कहा कि वह इन निष्कर्षों को गंभीरता से ले रही है। एजेंसी ने एयरलाइनों से थकान के जोखिमों की पहचान करने, परिचालन संबंधी उपाय अपनाने और ऐसी सुरक्षा संस्कृति बनाने का आग्रह किया, जिसमें क्रू सदस्य बिना किसी प्रतिकूल परिणाम के डर के अपनी समस्या बता सकें।

 

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
रिपोर्ट में वर्ष 2022 की इथियोपियन एयरलाइंस की एक घटना का भी उल्लेख है, जिसमें बोइंग 737 विमान के दोनों पायलट कथित तौर पर उड़ान के दौरान सो गए थे और विमान निर्धारित समय पर लैंडिंग नहीं कर पाया था। विमानन विश्लेषक एलेक्स माचेरास ने पायलटों की थकान को गंभीर चिंता का विषय बताया।

 

पायलटों की कमी से बढ़ सकती है चुनौती
रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब विमानन उद्योग में पायलटों की उपलब्धता और भर्ती को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। पायलटों की कमी और काम के दबाव के बीच पर्याप्त आराम सुनिश्चित करना एयरलाइनों के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान सुरक्षा बनाए रखने के लिए क्रू की थकान की निगरानी, उचित विश्राम और समस्याओं की समय पर रिपोर्टिंग जरूरी है।

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