क्रूड ऑयल 5% टूटा, $90 के करीब पहुंचे दाम: अमेरिका-ईरान तनाव घटा, कच्चा तेल हुआ सस्ता

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेMarket mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Priya Iyer
1 घंटे पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Ritika Ghosh
2 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Diya Gupta
2 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Neha Tripathi
2 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Navya Nair
2 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Monika Das
2 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Dhruv Bhatt
3 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Aarohi Chaudhary
3 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Anika Rajput
3 घंटे पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Nisha Shah
4 घंटे पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
वैश्विक ऊर्जा बाजार से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोकने और कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता देने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी WTI दोनों में करीब 5 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली।
ब्रेंट और WTI दोनों में तेज गिरावट
घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5% गिरकर $91.89 प्रति बैरल पर आ गया और कारोबार के दौरान $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी लगभग 5.23% टूटकर $84.64 प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
तनाव कम होने से बाजार में लौटा भरोसा
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते कीमतों में तेजी बनी हुई थी। ट्रंप की नई घोषणा के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्र में तनाव कम होगा और आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से भू-राजनीतिक जोखिम कम होने की उम्मीद के कारण आई है। जब वैश्विक स्तर पर युद्ध या आपूर्ति बाधित होने की आशंका घटती है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनता है। इसी वजह से निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिससे कीमतों में तेज गिरावट दर्ज हुई।
भारत के लिए राहत की खबर
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें घटने से आयात बिल कम होने की संभावना रहती है। यदि यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू ईंधन कीमतों पर अंतिम प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगा।
बाजार की नजर अगले घटनाक्रम पर
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों, वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि तनाव दोबारा बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि हालात सामान्य रहने पर बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है।







