Trump Faces Probes: मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं

Diya Gupta
0 सेकंड पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Krishna Yadav
1 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Saanvi Pandey
1 घंटे पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Sai Mehta
1 घंटे पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
Nisha Shah
3 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Sonu rai
4 घंटे पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
चुनावी हार के बाद ट्रंप की मुश्किलें
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उनके करीबियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रंप अक्सर कहा करते थे कि सिलिकॉन वैली के सीईओ और बड़े कॉर्पोरेट कारोबारी उनके आसपास इसलिए रहते हैं, ताकि उन्हें उनसे मदद मिल सके। लेकिन चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप के समर्थकों के बीच अब उनके साथ जुड़े रहने के संभावित नुकसान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रिपब्लिकन नेता टेड क्रूज का मनोबल भी चुनावी हार के बाद प्रभावित हुआ है।
डेमोक्रेट सांसदों ने जांच की तैयारी की
चुनाव में जीत के बाद डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप के कार्यकाल से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की कई संसदीय जांच कराने की घोषणा की है। कुछ लोगों ने इन जांचों को लेकर चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि जांच के दौरान कानून का सही तरीके से पालन होना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर होगी पड़ताल
कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य रॉबर्ट गार्सिया के हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी का अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। उन्होंने जांच के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें ट्रंप के पारिवारिक व्यापारिक सौदे, कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार और राजनीतिक घूसखोरी, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और ICE द्वारा कथित दुर्व्यवहार तथा जेफ्री एपस्टीन की फाइलों से जुड़ा मामला शामिल है।
पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो कारोबार की जांच
जांच के प्रमुख क्षेत्रों में ट्रंप के पारिवारिक व्यापारिक सौदे भी शामिल हैं। इनमें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐसे मामले भी हैं, जिनके तार पाकिस्तान से जुड़े बताए गए हैं। डेमोक्रेट सांसद इन कारोबारी गतिविधियों और उनसे जुड़े संभावित हितों की पड़ताल करना चाहते हैं।
ट्रंप के कॉर्पोरेट सहयोगियों पर नजर
ट्रंप के करीबी कॉर्पोरेट सहयोगियों के लिए अगले दो साल मुश्किल भरे हो सकते हैं। उन्हें कांग्रेस की सुनवाइयों और जांच प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है। इन संभावित जांचों के केंद्र में टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क का नाम भी शामिल हो सकता है। मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में गिने जाते हैं।
मस्क ने चुनाव में खर्च किए 445 मिलियन डॉलर
मध्यावधि चुनाव के दौरान मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और राजनीतिक समितियों की मदद के लिए कम से कम 445 मिलियन डॉलर खर्च किए। यह रकम अमेरिकी चुनावों के इतिहास में किसी एक व्यक्ति की ओर से किए गए सबसे बड़े राजनीतिक योगदानों में से एक बताई गई है। हालांकि, चुनावी नतीजों में उनके समर्थन का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया।
मस्क समर्थित उम्मीदवारों को मिली सीमित जीत
मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के जिन 43 उम्मीदवारों का समर्थन किया था, उनमें से केवल तीन उम्मीदवार ही जीत सके। उन्होंने रिपब्लिकन सीनेट के सात उम्मीदवारों का भी समर्थन किया था, जिनमें से छह को हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों ने उनके राजनीतिक समर्थन के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
टेक्सास में बड़ा चुनावी झटका
टेक्सास में मस्क के लिए स्थिति खास तौर पर निराशाजनक रही। वहां उनके बड़े कारोबारी हित हैं और उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में 230 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। इसके बावजूद डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने जीत हासिल की।
आने वाले दो साल रहेंगे अहम
मध्यावधि चुनाव के बाद अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट सांसदों की जांच संबंधी घोषणाओं से ट्रंप और उनके सहयोगियों पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। पारिवारिक कारोबारी सौदों, क्रिप्टोकरेंसी, कॉर्पोरेट गतिविधियों और अन्य मामलों की पड़ताल आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति का अहम मुद्दा बन सकती है।








