Indian-Origin Man's Confession: अमेरिका में भारतीय मूल के व्यक्ति का चौंकाने वाला कबूलनामा

Anil Sen
0 सेकंड पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेInternational politics bahut tezi se badal rahi hai.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Dhruv Bhatt
45 मिनट पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
अमेरिका की अदालत में भारतीय मूल के व्यक्ति का दावा
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के वर्जीनिया में अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी भारतीय मूल के व्यक्ति नरेश भट्ट ने अदालत में गवाही देते हुए दावा किया है कि उसने पत्नी ममता कफले भट्ट को मृत अवस्था में पाया था। उसके मुताबिक, ममता ने आत्महत्या की थी और बाद में उसने उनके शव के टुकड़े कर दिए। यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब ममता का शव दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी बरामद नहीं हुआ है।
पत्नी को बेहोशी की हालत में देखने का किया दावा
नरेश भट्ट ने अदालत में बताया कि उसने अपनी पत्नी को बिस्तर के पास बेहोशी की हालत में पाया था। उसके आसपास उल्टी पड़ी थी, जिसमें कई गोलियां दिखाई दे रही थीं। भट्ट के अनुसार, ऐसा लग रहा था कि ममता ने गोलियों के साथ एक अत्यंत जहरीला कीटनाशक भी खाया था। हालांकि, ये सभी बातें आरोपी की ओर से अदालत में दिए गए दावे हैं।
क्या हैं नरेश भट्ट पर आरोप?
नरेश भट्ट पर अपनी 28 वर्षीय पत्नी ममता कफले भट्ट की हत्या करने, उनके शव को विकृत करने और उसे छिपाने का आरोप है। ममता वर्ष 2024 में लापता हो गई थीं। उन्हें आखिरी बार 29 जुलाई 2024 को एक वीडियो कॉल के दौरान देखा गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद नरेश भट्ट को आरोपी बनाया।
आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
भट्ट ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उसने दावा किया कि पत्नी को बेहोश देखने के बाद उसने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया और अन्य प्रयास भी किए, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। उसने यह भी बताया कि इसके बाद उसने शव को छिपाने की कोशिश की। एक रिपोर्ट के अनुसार, भट्ट ने अपनी जान लेने के बारे में सोचने की बात भी कही।
911 पर फोन नहीं करने के सवाल पर दिया जवाब
अदालत में जब भट्ट से पूछा गया कि पत्नी को बेहोश पाने के बाद उसने 911 पर कॉल क्यों नहीं किया, तो उसने कहा कि उसे खुद नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों नहीं किया। उसने बताया कि वह बहुत डर गया था और घबराहट में था। उसके मुताबिक, उसने फोन करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
मुकदमे के पांचवें सप्ताह में सामने आया दावा
नरेश भट्ट का यह बयान मुकदमे के पांचवें सप्ताह के दौरान सामने आया है। ममता के लापता होने की जानकारी 5 अगस्त 2024 को सामने आई थी, जब वह काम पर नहीं पहुंचीं। शुरुआत में भट्ट ने पुलिस से कहा था कि उसे नहीं लगता कि उसकी पत्नी लापता हैं। हालांकि, बाद में उसने खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
22 अगस्त 2024 को हुई थी नरेश भट्ट की गिरफ्तारी
पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को नरेश भट्ट को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान दंपति के बेडरूम और बाथरूम में खून के धब्बे मिले थे। पुलिस को एक पावर सॉ यानी आरी भी मिली थी, जिस पर बाल लगे हुए थे। इन सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
29 जुलाई की रात की घटना के बारे में दी गवाही
अदालत में भट्ट ने बताया कि 29 जुलाई 2024 की शाम वह अपनी बेटी के साथ रात करीब 8 बजे सोने चला गया था। उसके मुताबिक, उसे पत्नी के कमरे में आने की आहट नहीं मिली। उसने दावा किया कि अगले दिन सुबह करीब 4 बजे जब वह बाथरूम जाने के लिए उठा, तब उसने ममता को बिस्तर के निचले हिस्से में पीठ के बल लेटे हुए देखा। उसके आसपास उल्टी पड़ी थी, जिसमें कई गोलियां थीं। उसने यह भी दावा किया कि पास में सेल्फोस का एक पैकेट पड़ा हुआ था।
एक घंटे तक होश में लाने की कोशिश का दावा
नरेश भट्ट ने अदालत को बताया कि उसने करीब एक घंटे तक ममता को होश में लाने की कोशिश की। जब उसे लगा कि उनकी मौत हो चुकी है, तो वह उन्हें बाथरूम में ले गया। इसके बाद उसने शव को छिपाने का फैसला किया। ये घटनाक्रम आरोपी की अदालत में दी गई गवाही पर आधारित हैं।
शव को छिपाने और खुदकुशी करने की बात कही
भट्ट ने अपनी गवाही में दावा किया कि उसने शव को छिपाने के बाद खुदकुशी करने के बारे में भी सोचा था। उसने अदालत को बताया कि इसके लिए उसने कुछ सामान भी जुटाया था, लेकिन बाद में अपना इरादा बदल दिया।
शव को ठिकाने लगाने के लिए आरी इस्तेमाल करने का दावा
नरेश भट्ट ने बताया कि उसने शुरुआत में शव को कचरे में डालने का फैसला किया था, लेकिन उसके अनुसार शव उसमें नहीं आ रहा था। इसके बाद उसने आरी का इस्तेमाल किया। अदालत में उसने स्वीकार किया कि उसने शव के कुछ हिस्सों को अलग करने की कोशिश की थी, लेकिन वह शरीर को पूरी तरह अलग-अलग हिस्सों में नहीं बांट पाया।
अदालत में गवाही के बाद मामले पर टिकी नजरें
नरेश भट्ट की गवाही ने ममता कफले भट्ट के लापता होने और कथित हत्या के मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आरोपी ने पत्नी की मौत को आत्महत्या बताया है, जबकि अभियोजन पक्ष ने उसके खिलाफ हत्या और शव छिपाने के आरोप लगाए हैं। मामले में अदालत की सुनवाई और पेश किए जा रहे सबूतों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।








