Iran War: U.S. Troop Death Toll Disputed: ईरान युद्ध में 22 अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा, Pentagon रिकॉर्ड में 18

ईरान युद्ध में 22 अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा, Pentagon रिकॉर्ड में 18
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Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

12 घंटे पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Ananya Sharma

Ananya Sharma

13 घंटे पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Anil Sen

Anil Sen

15 घंटे पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

16 घंटे पहले

Duniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.

Monika Das

Monika Das

17 घंटे पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Anika Rajput

Anika Rajput

19 घंटे पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

19 घंटे पहले

Is khabar ka asar kai deshon par padega.

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22 मौतों का दावा
द वॉशिंगटन पोस्ट की 18 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत का आंकड़ा Pentagon के सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज संख्या से अधिक हो सकता है। रिपोर्ट में छह अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि कम से कम 22 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई है, जबकि Pentagon के सार्वजनिक Defense Casualty Analysis System (DCAS) में 18 मौतें दर्ज हैं।

DCAS में 18 मौतें
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, Pentagon के DCAS में दर्ज 18 मौतों में 14 को ‘Operation Epic Fury’ के तहत दर्ज किया गया है। यह अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान युद्ध के लिए इस्तेमाल किया गया नाम है। बाकी चार मौतें ‘Overseas Operations’ नाम की अलग श्रेणी में दर्ज हैं और जुलाई के युद्धविराम के बाद दोबारा शुरू हुई सैन्य गतिविधियों से जुड़ी बताई गई हैं।

मौतों की श्रेणी पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, Pentagon ने युद्धविराम के बाद फिर शुरू हुई सैन्य गतिविधियों से जुड़ी मौतों को ‘Overseas Operations’ की श्रेणी में रखा। वॉशिंगटन पोस्ट से बातचीत करने वाले अधिकारियों ने सार्वजनिक रिकॉर्ड में अतिरिक्त मौतों के शामिल न होने पर सवाल उठाए। Pentagon ने मौतों के आंकड़ों में अंतर को लेकर अखबार के सवालों का विस्तृत जवाब नहीं दिया।
 

दो मौतें अलग अभियानों में
रिपोर्ट में बताया गया कि फरवरी के बाद मध्य पूर्व में दो अन्य अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ऐसे अभियानों के दौरान हुई, जिन्हें आधिकारिक तौर पर ईरान युद्ध का हिस्सा नहीं माना गया। इनमें सार्जेंट डेविन सीबेल की 31 मई को इरबिल, इराक में प्रशिक्षण दुर्घटना में मौत हुई थी। वे ‘Operation Inherent Resolve’ के तहत तैनात थे, लेकिन उनका नाम DCAS में इस अभियान की मौतों की सूची में नहीं है।

मेजर सोरफ्ली डेवियस की मौत
मेजर सोरफ्ली डेवियस की 6 मार्च को कुवैत में एक अज्ञात मेडिकल इमरजेंसी के बाद मौत हुई थी। वे ‘Operation Spartan Shield’ के तहत तैनात थे। रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनकी मौत का ईरानी हमले से कोई संबंध था या नहीं।

22 या 23 मौतों का दावा
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पांच अमेरिकी अधिकारियों ने कम से कम 22 सैन्य मौतों की जानकारी दी, जबकि छठे अधिकारी ने संख्या 23 बताई। इस अधिकारी के अनुसार, सभी मौतें सीधे युद्ध से संबंधित नहीं थीं, बल्कि संघर्ष के दौरान मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों से जुड़ी थीं। Reuters ने भी वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के आधार पर कम से कम 22 मौतों की जानकारी दी।

Pentagon ने रिपोर्ट खारिज की
Reuters के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को गलत बताते हुए उसका खंडन किया। इसलिए 22 मौतों का आंकड़ा फिलहाल Pentagon के सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज आधिकारिक संख्या नहीं है, बल्कि अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट का दावा है। सार्वजनिक DCAS रिकॉर्ड में 18 अमेरिकी सैन्य मौतें दर्ज हैं।

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Ishaan Tiwari

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12 घंटे पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Ananya Sharma

Ananya Sharma

13 घंटे पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Anil Sen

Anil Sen

15 घंटे पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

16 घंटे पहले

Duniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.

Monika Das

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17 घंटे पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Anika Rajput

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19 घंटे पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

19 घंटे पहले

Is khabar ka asar kai deshon par padega.

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