US Targets Russian Oil Buyers, Keeps Uranium Excep: रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका का दबाव, यूरेनियम आयात में सीमित अपवाद बरकरार

Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
रूसी तेल खरीदारों पर अमेरिका की नई कार्रवाई
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को कड़ा करने वाले विधेयक को 262-159 मतों से पारित किया है। विधेयक में राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। भारत और चीन जैसे बड़े रूसी ऊर्जा खरीदार इस व्यवस्था से प्रभावित हो सकते हैं।
विधेयक अब राष्ट्रपति के पास जाएगा
सीनेट से मंजूरी के बाद प्रतिनिधि सभा से भी पारित होने के पश्चात विधेयक अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा जाएगा। इसके कानून बनने के बाद प्रस्तावित टैरिफ और अन्य प्रतिबंधों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
रूसी यूरेनियम के लिए अलग व्यवस्था
रूस से यूरेनियम आयात पर अमेरिका में पहले से प्रतिबंध लागू है, लेकिन मौजूदा कानून कुछ परिस्थितियों में सीमित मात्रा में रूसी कम-संवर्धित यूरेनियम (LEU) के आयात की अनुमति देता है। यदि कोई वैकल्पिक व्यवहार्य स्रोत उपलब्ध नहीं हो या आयात को राष्ट्रीय हित में माना जाए, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत waiver दिया जा सकता है।
अमेरिका के परमाणु क्षेत्र में रूस की भूमिका
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अमेरिकी नागरिक परमाणु रिएक्टर संचालकों ने कुल 12.71 मिलियन SWU की यूरेनियम संवर्धन सेवाएं खरीदीं। इनमें रूस से जुड़ी सेवाओं की मात्रा 3.284 मिलियन SWU थी, जो कुल खरीद का करीब 26 प्रतिशत है।
परमाणु ईंधन की सप्लाई चेन जटिल
परमाणु ईंधन तैयार करने में यूरेनियम रूपांतरण और संवर्धन समेत कई चरण शामिल होते हैं। अमेरिका ने रूसी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू संवर्धन और रूपांतरण क्षमता बढ़ाने की दिशा में निवेश शुरू किया है। 2024 के कानून के साथ अमेरिकी परमाणु ईंधन आपूर्ति श्रृंखला के विस्तार के लिए 2.72 अरब डॉलर की राशि भी उपलब्ध कराई गई थी।
2024 में रूसी यूरेनियम आयात पर प्रतिबंध
मई 2024 में अमेरिका ने रूसी यूरेनियम आयात पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया था। यह प्रतिबंध 11 अगस्त 2024 से प्रभावी हुआ। हालांकि, कानून में रिएक्टरों के संचालन में संभावित बाधा को देखते हुए कुछ परिस्थितियों में सीमित अवधि के लिए waiver की व्यवस्था रखी गई थी।
तेल और यूरेनियम के लिए अलग नीति का कारण
तेल के मामले में प्रस्तावित अमेरिकी नीति का उद्देश्य रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। वहीं परमाणु ईंधन के मामले में अमेरिका ने घरेलू आपूर्ति क्षमता विकसित होने तक कुछ सीमित अपवादों की व्यवस्था रखी है। इसलिए रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर सख्ती और परमाणु ईंधन से जुड़े प्रावधानों को एक समान प्रतिबंध व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जा सकता।








