India Renewable Energy Growth: रिन्यूएबल एनर्जी से भारत को 100 अरब डॉलर की बचत, क्षमता 300 GW के पार

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नई दिल्ली। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ने से अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2025 के बीच कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर भारत ने 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत की है।
300 GW के पार पहुंची क्षमता
IEA की नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दशक में भारत की नवीकरणीय बिजली क्षमता लगभग चार गुना बढ़ी है। 2026 में यह 300 गीगावाट के पार पहुंच गई। इसके साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा बाजार बन गया है।
2030 तक 530 GW का लक्ष्य
‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा बाजार रिपोर्ट 2026’ के मुताबिक, 2030 तक देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता करीब 530 गीगावाट पहुंच सकती है। इसके लिए ऊर्जा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश जरूरी होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत ने 2025 में ही बिजली उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन का लक्ष्य हासिल कर लिया, जबकि इसकी समयसीमा 2030 थी।
ऊर्जा सुरक्षा को मिल रही मजबूती
IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए फायदेमंद है।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के मुताबिक, बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए घरेलू विनिर्माण, निवेश और बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।








