भारतीय व्यापार महोत्सव में स्वदेशी का संदेश: पीयूष गोयल ने की स्वदेशी अपनाने की अपील

Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में स्वदेशी उत्पादों, घरेलू कारोबार और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने का संदेश प्रमुखता से सामने आया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापारियों और उद्योग जगत से भारतीय उत्पादों को स्थानीय स्तर से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और देश में विनिर्माण को मजबूत करने का आह्वान किया।यह चार दिवसीय महोत्सव 12 से 15 अगस्त 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय व्यापारियों, MSME, निर्माताओं, स्टार्टअप और उद्यमियों को एक बड़े व्यापारिक मंच पर लाना है।
मेक इन इंडिया को लोकल से ग्लोबल बनाने पर जोर
महोत्सव को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने 'मेक इन इंडिया' को लोकल से ग्लोबल बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने व्यापार जगत से निष्पक्ष व्यापारिक तौर-तरीकों को अपनाने और भारतीय विनिर्माण की क्षमता को बढ़ाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि भारत के कारोबारियों के लिए वैश्विक बाजार में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और देश को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।गोयल ने भारतीय उद्योग से आयात के विकल्प तलाशने और ऐसे उत्पादों की पहचान करने की अपील भी की, जिनका निर्माण भारत में किया जा सकता है। इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करना है।
12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम में महोत्सव
भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आयोजन भारत मंडपम, प्रगति मैदान में 12 से 15 अगस्त तक किया जा रहा है। इसे भारत के बड़े मेड इन इंडिया बहु-क्षेत्रीय व्यापार एक्सपो के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से व्यापारी, निर्माता, स्टार्टअप, MSME और अन्य कारोबारी प्रतिनिधि अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित कर रहे हैं।आयोजकों के अनुसार महोत्सव का लक्ष्य घरेलू कारोबार को मजबूत करने के साथ भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इसमें खरीदारों और विक्रेताओं के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
महोत्सव में भारत के विभिन्न हिस्सों से आने वाले व्यापारियों के साथ विदेशी खरीदारों और प्रतिनिधियों की भागीदारी भी हो रही है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल और खरीदारों के इसमें शामिल होने की बात कही गई है।आयोजन में निर्माता, निर्यातक, स्टार्टअप, बड़े उद्योग, महिला उद्यमी और ग्रामीण कारीगरों को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा B2B और B2G नेटवर्किंग, बायर-सेलर मीट, निवेश एवं निर्यात संवाद और स्टार्टअप शोकेस जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वदेशी उत्पादों से लेकर नई तकनीक तक पर फोकस
महोत्सव में पारंपरिक भारतीय उत्पादों के साथ आधुनिक तकनीक और नए कारोबार के क्षेत्रों को भी जगह दी गई है। हस्तशिल्प, हथकरघा, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योगों के उत्पादों के अलावा डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।महिला उद्यमियों और दिव्यांग उद्यमियों के लिए भी विशेष पहल रखी गई हैं। इससे भारतीय व्यापार और उद्यमिता के अलग-अलग क्षेत्रों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।
2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
पीयूष गोयल ने महोत्सव के दौरान भारत की आर्थिक क्षमता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को 2047 तक कम से कम 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए निष्पक्ष व्यापार, घरेलू उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना जरूरी है।उन्होंने भारतीय कारोबारियों से वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और भारत में बने उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
मेड इन इंडिया' को वैश्विक पहचान देने की कोशिश
भारतीय व्यापार महोत्सव का व्यापक संदेश 'Made in India, Made for India, Made for the World' के रूप में सामने आया है। इसका लक्ष्य घरेलू व्यापार को मजबूत करने, आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने और भारतीय उत्पादों के निर्यात को गति देने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।महोत्सव 15 अगस्त तक भारत मंडपम में जारी रहेगा। आयोजन के जरिए भारतीय व्यापार, स्वदेशी उत्पादों, MSME और उद्यमिता को राष्ट्रीय तथा वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।






