केजरीवाल की जमानत पर हाई कोर्ट में सुनवाई: ED ने जमानत के खिलाफ फिर उठाया मामला

ED ने जमानत के खिलाफ फिर उठाया मामला
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Anjali Patil

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0 सेकंड पहले

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दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल की जमानत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।प्रवर्तन निदेशालय ने ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।10 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट में ईडी की याचिका पर सुनवाई सूचीबद्ध थी।मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज जैन की अदालत में हुई।ईडी का पक्ष है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत के आदेश को कायम नहीं रखा जाना चाहिए।अब हाई कोर्ट में जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।


2024 में ट्रायल कोर्ट ने दी थी जमानत
आबकारी नीति मामले में ट्रायल कोर्ट ने 20 जून 2024 को अरविंद केजरीवाल को नियमित जमानत दी थी।अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था।ईडी ने इस फैसले को तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।इसके बाद हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।तब से जमानत के इस मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।अब हाई कोर्ट में ईडी की चुनौती पर सुनवाई आगे बढ़ रही है।


ईडी की याचिका पर कोर्ट में अहम सुनवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने केजरीवाल को मिली जमानत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था।ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान गंभीर तथ्य सामने आए हैं।वहीं केजरीवाल की ओर से जमानत के आदेश का बचाव किया जा रहा है।हाई कोर्ट पहले ही ईडी को अपनी दलीलें पूरी करने के लिए अंतिम मौका दे चुका था।केजरीवाल के वकीलों ने ईडी पर सुनवाई टालने के लिए बार-बार समय मांगने का आरोप लगाया था।अब अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।

 

आबकारी नीति मामले में क्या है आरोप?
यह मामला दिल्ली की 2021-22 आबकारी नीति को बनाने और लागू करने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।नीति को लेकर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच केंद्रीय एजेंसियों ने की है।आरोप है कि नीति में कुछ बदलावों के जरिए चुनिंदा लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर रिश्वत के लेनदेन से जुड़े आरोप भी लगाए हैं।विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने 2022 में इस आबकारी नीति को वापस ले लिया था।मामले में कई राजनीतिक नेताओं और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई हुई है।


सुप्रीम कोर्ट से भी मिल चुकी है अंतरिम राहत
आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से भी अंतरिम राहत मिल चुकी है।12 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी।अदालत ने पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी की आवश्यकता से जुड़े कुछ कानूनी सवालों को बड़ी पीठ के विचार के लिए भेजा था।इससे पहले मामले में उनकी गिरफ्तारी और जमानत को लेकर कई स्तरों पर कानूनी लड़ाई चल चुकी है।अब दिल्ली हाई कोर्ट में ईडी की पुरानी चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई जारी है।मामले में अदालत के अगले आदेश पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।


जमानत पर कानूनी लड़ाई अभी जारी
अरविंद केजरीवाल की जमानत को लेकर ईडी और उनके वकीलों के बीच कानूनी लड़ाई लगातार जारी है।ईडी की याचिका का उद्देश्य ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए जमानत आदेश को चुनौती देना है।वहीं केजरीवाल पक्ष का कहना है कि उन्हें मिली राहत को बरकरार रखा जाना चाहिए।दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर विचार कर रहा है।आबकारी नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की सुनवाई भी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।अब हाई कोर्ट की कार्यवाही और आने वाले आदेश से मामले में अगला महत्वपूर्ण मोड़ सामने आ सकता है।

 

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