10 देशों के न्यायिक प्रमुखों से मिलेंगे CJI: नई दिल्ली में BRICS चीफ जस्टिस फोरम शुरू

नई दिल्ली में BRICS चीफ जस्टिस फोरम शुरू
प्रतिक्रियाएँ
Arjun Singh

Arjun Singh

1 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

2 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

2 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

2 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Myra Dubey

Myra Dubey

2 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

8 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

CommentsReactionsFeedback

भारत की मेजबानी में BRICS Chief Justices Forum की शुरुआत आज नई दिल्ली में हो गई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मेजबानी में आयोजित यह तीन दिवसीय फोरम 4 से 6 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें BRICS सदस्य देशों और Partner Countries के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। फोरम का उद्देश्य न्याय व्यवस्था से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श और न्यायपालिकाओं के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। बैठक में न्याय वितरण, अंतरराष्ट्रीय विवाद समाधान, तकनीक और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। यह मंच विभिन्न देशों की न्यायिक संस्थाओं के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।


CJI सूर्यकांत करेंगे न्यायिक नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें
फोरम के उद्घाटन दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत विभिन्न देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, यूएई, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक नेताओं के साथ बातचीत प्रस्तावित है। द्विपक्षीय मुलाकातों का उद्देश्य साझा न्यायिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही विभिन्न न्यायपालिकाओं के बीच सहयोग और संस्थागत संवाद को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। अलग-अलग देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के अनुभवों को साझा करने का अवसर इन बैठकों को महत्वपूर्ण बनाता है। फोरम के दौरान भारत की न्यायपालिका के साथ अन्य देशों के न्यायिक संस्थानों के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका पर चर्चा
BRICS Chief Justices Forum में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। न्यायिक प्रशासन में डिजिटल तकनीक और AI के इस्तेमाल से जुड़े अवसरों तथा चुनौतियों पर विचार किया जाएगा। अदालतों में तकनीक के इस्तेमाल से मामलों के प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही AI के जिम्मेदार और उचित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर न्यायिक दृष्टिकोण सामने रखे जाएंगे। बदलती तकनीकी दुनिया में न्यायपालिका की भूमिका और डिजिटल नवाचार के प्रभाव को भी चर्चा के एजेंडे में शामिल किया गया है। यह सत्र न्याय व्यवस्था में तकनीकी बदलावों को समझने और उनके भविष्य के प्रभावों पर साझा विचार विकसित करने का अवसर देगा।

 

अंतरराष्ट्रीय विवादों और मध्यस्थता पर मंथन
फोरम के प्रमुख विषयों में मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों का समाधान भी शामिल है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते सीमा-पार कारोबारी विवादों को प्रभावी तरीके से सुलझाने के लिए मध्यस्थता की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से जुड़े फैसलों और पुरस्कारों के सीमा-पार प्रवर्तन में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा। विभिन्न देशों की प्रक्रियाओं के बीच बेहतर तालमेल और सामंजस्य की संभावनाओं को लेकर न्यायिक अनुभव साझा किए जाएंगे। विवादों के समाधान में अदालतों के साथ वैकल्पिक तंत्रों की भूमिका को भी चर्चा में प्रमुखता मिलेगी। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और विवाद समाधान की प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विचार करना है।


सतत विकास और न्यायिक नेतृत्व भी एजेंडे में
BRICS Chief Justices Forum में Judicial Leadership and Sustainable Development भी प्रमुख चर्चा का विषय रहेगा। इसमें पर्यावरणीय शासन और सतत ऊर्जा प्रणालियों को आगे बढ़ाने में न्यायपालिका की भूमिका पर विचार किया जाएगा। बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच न्यायिक संस्थाओं की जिम्मेदारियों और भूमिका पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। सतत विकास के लक्ष्यों को न्यायिक प्रक्रियाओं और नीतिगत दृष्टिकोण से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह विषय न्यायपालिका की व्यापक सामाजिक और पर्यावरणीय भूमिका को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विभिन्न देशों के न्यायिक प्रमुखों के अनुभवों से साझा दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिल सकती है।


BRICS और Partner Countries के न्यायिक प्रतिनिधि शामिल
फोरम में BRICS सदस्य देशों के साथ कई Partner Countries के न्यायिक प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिनिधिमंडलों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूएई के न्यायिक नेता शामिल हैं। Partner Countries में बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि भी फोरम को संबोधित करेंगे। दूसरे दिन विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख साझा न्यायिक हितों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान न्याय वितरण, विवाद समाधान, AI और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होगा। नई दिल्ली में आयोजित यह फोरम विभिन्न देशों की न्यायपालिकाओं के बीच अनुभव और विचार साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में सामने आया है।

 

प्रतिक्रियाएँ
Arjun Singh

Arjun Singh

1 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

2 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

2 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

2 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Myra Dubey

Myra Dubey

2 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

8 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...