23 सितंबर को मनेगा आयुर्वेद दिवस: देशभर में लगेंगे मुफ्त स्वास्थ्य शिविर

Sonu rai
3 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aarav Sharma
3 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Monika Das
4 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Payal jadon
7 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Arjun Singh
9 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Anil Sen
10 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Dhruv Bhatt
11 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने देशभर में मनाए जाने वाले आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब आयुर्वेद दिवस को धन्वंतरि जयंती की तिथि के बजाय हर साल 23 सितंबर को एक निश्चित तारीख पर मनाने की व्यवस्था की गई है। इस बदलाव के बाद 23 सितंबर 2026 को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। केंद्रीय आयुष मंत्रालय और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा यानी AIIA की ओर से आयोजन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। देशभर में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को बढ़ावा देने की तैयारी
इस वर्ष आयुर्वेद दिवस के आयोजनों में आयुर्वेद की वैश्विक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 23 सितंबर की निश्चित तिथि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यक्रमों और गतिविधियों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और उसके महत्व को देश के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है। इस दिशा में विभिन्न संस्थानों और विशेषज्ञों को जोड़कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है। वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को इस अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
'आयुर्वार्ता' डिजिटल संवाद सीरीज शुरू
आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रमों के तहत डिजिटल माध्यम से भी लोगों को जोड़ने की तैयारी की गई है। इसी कड़ी में 1 सितंबर 2026 से 'आयुर्वार्ता' डिजिटल संवाद सीरीज शुरू की जा चुकी है। इस सीरीज के माध्यम से आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न विषयों और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार पर चर्चा की जा रही है। देशभर के नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने के लिए वेबिनार, क्विज और अन्य डिजिटल सत्र आयोजित किए जाएंगे। डिजिटल अभियान के जरिए खासतौर पर युवाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों तक आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में लगाए जाएंगे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की योजना है। इन शिविरों में लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। शिविरों के माध्यम से आम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और आयुर्वेद की उपयोगिता से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में इन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी है।
जागरूकता कार्यक्रमों से नागरिकों को जोड़ने पर जोर
आयुर्वेद दिवस के आयोजन को केवल एक दिन तक सीमित रखने के बजाय इससे जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वेबिनार, क्विज और डिजिटल संवाद जैसे कार्यक्रम नागरिकों को आयुर्वेद से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। इन गतिविधियों के जरिए आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान, स्वास्थ्य देखभाल और इसके महत्व पर चर्चा की जाएगी। अलग-अलग वर्गों के लोगों को जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आयुर्वेद दिवस के संदेश को देश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
11वें आयुर्वेद दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में
23 सितंबर 2026 को मनाए जाने वाले 11वें आयुर्वेद दिवस के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय और AIIA की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। इस बार कार्यक्रमों में वैश्विक पहुंच, डिजिटल जागरूकता और स्वास्थ्य शिविरों को प्रमुखता दी जा रही है। देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को अभियान से जोड़ने की योजना है। 'आयुर्वार्ता' डिजिटल संवाद सीरीज के जरिए आयोजन से पहले ही जागरूकता गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। आयुर्वेद दिवस के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।







