PM Modi Putin meating: पीएम मोदी और पुतिन की आज अहम बैठक

Priya Iyer
8 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Reyansh Joshi
8 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Priya Iyer
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Reyansh Joshi
12 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Rohan Desai
12 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Dev Kapoor
12 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Myra Dubey
13 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Priya Iyer
14 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Navya Nair
15 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Navya Nair
16 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार, 11 सितंबर को नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। यह बैठक 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Leaders’ Summit से पहले आयोजित हो रही है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, बातचीत में व्यापार और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दों में रहेंगे। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों के लिहाज से इस बैठक को अहम माना जा रहा है।
रक्षा सहयोग पर भी नजर
बैठक में भारत और रूस के रक्षा सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में Su-57 जैसे संभावित रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन किसी नए रक्षा सौदे को बैठक में तय होना अभी निश्चित नहीं कहा जा सकता। इसलिए संभावित प्रस्तावों और आधिकारिक घोषणा के बीच अंतर रखना जरूरी है।
ऊर्जा और आर्थिक रिश्ते अहम
रूस भारत के प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है और दोनों देशों के आर्थिक संबंध भी बैठक के महत्वपूर्ण हिस्से रह सकते हैं। रूस से तेल खरीद और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के अलावा व्यापार को बढ़ाने तथा भुगतान व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने जैसे मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा की संभावना है। BRICS के स्तर पर भारत डिजिटल भुगतान और CBDC इंटरऑपरेबिलिटी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे आर्थिक सहयोग का मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है।
यूक्रेन संघर्ष पर भी बातचीत संभव
भारत और रूस के बीच बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और उसके समाधान का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो सकता है। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। रूस की ओर से भी अमेरिका की मध्यस्थता में यूक्रेन वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई गई है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति पर विचार-विमर्श की संभावना है।
नई दिल्ली में BRICS नेताओं का जमावड़ा
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई सदस्य देशों के नेता सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन बैठक BRICS सम्मेलन के व्यापक एजेंडे से पहले दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत का अहम अवसर होगी।
भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
मोदी-पुतिन वार्ता ऐसे समय हो रही है जब भारत रूस के साथ अपने पारंपरिक रणनीतिक संबंधों को बनाए रखते हुए व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रूस भी भारत के साथ आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को महत्वपूर्ण मानता है। इसलिए आज की बैठक में किसी एक बड़े समझौते के बजाय रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और व्यापक रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत पर नजर रहेगी।








