Yogi launches Poshan Maah: योगी-अन्नपूर्णा ने शुरू किया पोषण अभियान

योगी-अन्नपूर्णा ने शुरू किया पोषण अभियान
प्रतिक्रियाएँ
Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

10 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Myra Dubey

Myra Dubey

10 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

14 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

16 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

16 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Sonu rai

Sonu rai

18 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

19 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार 9 सितंबर 2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर पोषण मेले का आयोजन किया गया और आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरों और परिवारों में पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़ी जागरूकता को मजबूत करना है। यह अभियान सितंबर महीने में देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायतों और परिवारों में सामुदायिक भागीदारी के साथ चलाया जाएगा। सरकार ने इसे सुपोषित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने और विकसित भारत 2047 की नींव मजबूत करने से जोड़ा है।


‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ बनी इस साल की थीम
9वें राष्ट्रीय पोषण माह की केंद्रीय थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इस थीम के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण की जगह समुदाय आधारित पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और शुरुआती बाल विकास के केंद्र के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर आंगनवाड़ी केंद्र के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और जवाबदेही बढ़े। इसके लिए आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन और उनके संचालन को भी अभियान से जोड़ा गया है। इस वर्ष संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के तहत गर्म पके हुए भोजन और एसएनपी मेनू बोर्ड से जुड़े प्रावधानों को भी प्रमुखता दी गई है। अभियान का व्यापक उद्देश्य बच्चों और माताओं के पोषण को परिवार तथा समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाना है।


बच्चों और माताओं के पोषण पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान में संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार, आहार में विविधता, शिशु एवं छोटे बच्चों के भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े व्यवहारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की योजना है। आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शुरुआती विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पोषण अभियान के तहत समुदायों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चे के बेहतर विकास के लिए केवल भोजन ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, देखभाल और शुरुआती शिक्षा भी महत्वपूर्ण है। सितंबर भर चलने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर परिवारों और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश होगी। इसका उद्देश्य कुपोषण से निपटने के साथ-साथ लंबे समय में स्वस्थ और सक्षम पीढ़ी तैयार करना है।

 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद, जमीनी चुनौतियों पर चर्चा
वाराणसी में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद भी हुआ। कार्यक्रम में देशभर के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कामकाज और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए उनसे सुझाव और प्रतिक्रिया ली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके काम से जुड़े अनुभव और सुझाव सुने। कार्यक्रम में पोषण मेले के जरिए गर्म पके हुए भोजन, टेक-होम राशन, गृहभेंट और प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। आंगनवाड़ी व्यवस्था को बच्चों के पोषण के साथ उनके शुरुआती विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाने पर जोर दिया गया। सरकार की कोशिश है कि जमीनी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से पोषण अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए।


डिजिटल निगरानी और नई पोषण व्यवस्था पर जोर
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 को मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के संशोधित दिशा-निर्देशों से भी जोड़ा गया है। पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल माध्यमों के जरिए आंगनवाड़ी सेवाओं, बच्चों की उपस्थिति, शुरुआती बाल विकास गतिविधियों और ग्रोथ मॉनिटरिंग जैसी सेवाओं की निगरानी की जाती है। इस वर्ष अभियान में गर्म पके हुए भोजन, पूरक पोषण कार्यक्रम के मेनू बोर्ड और आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों को भी प्रमुखता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य पोषण सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाना और लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी करना है। इसके साथ ही समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थानीय स्तर पर ज्यादा जवाबदेह और सक्रिय बनाने की कोशिश की जा रही है। तकनीक, पोषण सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी के इस संयोजन को अभियान की महत्वपूर्ण दिशा के रूप में देखा जा रहा है।


सुपोषित भारत से विकसित भारत 2047 की ओर
राष्ट्रीय पोषण माह को सरकार ने सुपोषित भारत की व्यापक परिकल्पना से जोड़ा है और इसे विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पूरे सितंबर महीने में देशभर में पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान में संतुलित आहार और पर्याप्त प्रोटीन के साथ महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रहेगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के दस वर्ष पूरे होने को भी इस वर्ष के पोषण माह से जोड़ा गया है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा और मजबूत परिवार देश के मानव संसाधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वाराणसी से शुरू हुआ यह अभियान अब देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायतों और परिवारों तक पहुंचेगा और इसका मुख्य संदेश यही है कि बेहतर पोषण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

 

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Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

10 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Myra Dubey

Myra Dubey

10 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

14 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

16 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

16 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Sonu rai

Sonu rai

18 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Aryan Malhotra

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19 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

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