Jaishankar To Address UNGA: UNGA में आज जयशंकर का बड़ा संबोधन

Vihaan Patel
1 दिन पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Reyansh Joshi
1 दिन पहलेAise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.
Payal jadon
1 दिन पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
Dhruv Bhatt
1 दिन पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Saanvi Pandey
1 दिन पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Rohan Desai
1 दिन पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Rohan Desai
1 दिन पहलेWorld leaders kya kadam uthayenge? Sabki nazar hai.
Kavya Mishra
1 दिन पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय सामान्य वाद-विवाद में भारत का पक्ष रखेंगे। भारत के लिए यह संबोधन वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, बहुपक्षीय व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के अनुसार 81वें सत्र में भारत आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रमुखता देने की तैयारी में है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्राथमिकता
भारत के आधिकारिक प्राथमिकता दस्तावेज में आतंकवाद को 81वें UNGA सत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों की स्पष्ट निंदा, आतंकवादियों और उनके वित्तपोषकों के खिलाफ कार्रवाई तथा आतंकवाद से जुड़े मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात रखेगा। दस्तावेज में आतंकवाद के लिए नई और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
आतंक के वित्तपोषण और आतंकी यात्रा पर फोकस
भारत UN में आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और आतंकियों की सीमा-पार आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के मुद्दे को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है। भारत संयुक्त राष्ट्र के Office of Counter-Terrorism के साथ क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग करता रहा है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक ढांचे को मजबूत करने और आतंकवाद के पीड़ितों के अधिकारों पर भी जोर देगा।
UN सुधार और सुरक्षा परिषद का मुद्दा भी अहम
आतंकवाद के अलावा भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग को भी अपनी प्राथमिकताओं में रखता है। भारत का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की जरूरत है। 81वें सत्र के लिए भारत के आधिकारिक दस्तावेज में सुरक्षा परिषद सुधार पर ठोस प्रगति की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।
संबोधन से पहले समुद्री सुरक्षा पर भारत की पहल
जयशंकर ने 25 सितंबर को लाइबेरिया के साथ ‘Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers’ की शुरुआत से जुड़ी बैठक में हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य समुद्री मार्गों और जहाजों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि खाड़ी, लाल सागर और आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से समुद्री व्यापार और लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
UN में पाकिस्तान के पत्रकार के सवाल पर भी चर्चा
25 सितंबर को न्यूयॉर्क में एक प्रेस बातचीत के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से आतंकवाद को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में जयशंकर ने पाकिस्तान पर आतंकवाद से जुड़े आरोपों को लेकर तीखी टिप्पणी की। यह घटनाक्रम UNGA की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सामने आया है और भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर जारी कूटनीतिक मतभेदों को दर्शाता है।








