Makkah Pact Backs Saudi Security: सऊदी सुरक्षा पर मक्का समझौते का बड़ा ऐलान

Kunal Rao
1 दिन पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aryan Malhotra
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sonu rai
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Shruti Bajpai
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Harsh Pandya
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Priya Iyer
1 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Arjun Singh
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aryan Malhotra
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते से जुड़े सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई है। 26 सितंबर को रियाद में तीनों देशों के रक्षा बलों और सैन्य प्रमुखों की बैठक हुई। बैठक में सऊदी अरब के सामने मौजूद सुरक्षा खतरों की समीक्षा की गई और मक्का समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। तीनों देशों ने सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के समर्थन का स्पष्ट संदेश दिया।
एक सदस्य पर हमला तो तीनों पर हमला माना जाएगा
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में सामूहिक रक्षा का प्रावधान रखा गया है। इसके तहत किसी एक सदस्य देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। समझौते का उद्देश्य सामूहिक प्रतिरोध क्षमता मजबूत करना और तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाना है। पाकिस्तान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह समझौता रक्षात्मक प्रकृति का है और किसी एक देश के खिलाफ बनाया गया सैन्य गठबंधन नहीं बताया गया है।
मक्का और सऊदी ठिकानों पर हमलों की निंदा
बैठक में मक्का शहर तथा सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाए जाने वाले हमलों की कड़ी निंदा की गई। तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने सऊदी सुरक्षा बलों की सतर्कता की सराहना की और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में सुरक्षा तनाव और सऊदी अरब पर हमलों को लेकर चिंता बनी हुई है।
सैन्य सहयोग और खुफिया साझेदारी बढ़ाने पर जोर
रियाद में हुई सैन्य प्रमुखों की बैठक में तीनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसमें खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य समन्वय और क्षमताओं के एकीकरण जैसे मुद्दे शामिल रहे। बैठक का उद्देश्य मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में किए गए सामूहिक रक्षा संबंधी वादों को व्यावहारिक सैन्य सहयोग में बदलना बताया गया।
विदेश मंत्रियों ने भी पहले की थी अहम बैठक
इससे एक दिन पहले 25 सितंबर को तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी। बैठक में मक्का समझौते के तहत सचिवालय, समितियों और कार्य समूहों के गठन की प्रगति की समीक्षा की गई। तीनों देशों ने क्षेत्र में तनाव कम करने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास जारी रखने की बात कही।
अगस्त में हुआ था मक्का संयुक्त रक्षा समझौता
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के मक्का में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने हस्ताक्षर किए थे। समझौते में सामूहिक प्रतिरोध और रक्षा क्षमता मजबूत करने के साथ रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ाने का प्रावधान है। सितंबर में हुई लगातार बैठकों से इस समझौते के संस्थागत और सैन्य स्तर पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।








