नगरासू गुरुद्वारा विवाद शांत होने की ओर: दो और निहंग नीचे उतरे

Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेTrending news — padhe zaroor aur dosto ko bhejo.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेHamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेTrending news — padhe zaroor aur dosto ko bhejo.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेSach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.
Simran Arora
43 मिनट पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में बीते दो दिनों से चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे शांत होता दिखाई दे रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर डटे निहंगों में से दो और निहंग सोमवार को नीचे उतर आए हैं। प्रशासन और पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद अब गुरुद्वारे के भीतर केवल चार निहंग ही मौजूद हैं, जबकि तीन निहंग पहले ही नीचे आ चुके हैं।
परमवीर सिंह और जगनदीप की पहचान हुई
नीचे उतरने वाले निहंगों में एक की पहचान 33 वर्षीय परमवीर सिंह, निवासी मलकपुर, जिला रूपनगर (पंजाब) के रूप में हुई है, जबकि दूसरे निहंग का नाम जगनदीप बताया गया है। इससे पहले रविवार को भी एक निहंग प्रशासन के साथ बातचीत के लिए नीचे आया था।
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार सात निहंग तीन दिन पहले नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे थे और श्रद्धालुओं की तरह वहीं ठहरे हुए थे। इस दौरान उनकी गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के साथ कई दौर की बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि वे अपने साथ बड़ी संख्या में लोगों को गुरुद्वारे में ठहराने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर विवाद बढ़ गया और कुछ निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए।
गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग पर अड़े थे प्रदर्शनकारी
विवाद के पीछे चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई एक घटना भी बताई जा रही है। निहंगों की मांग थी कि उस मामले में गिरफ्तार किए गए निहंगों को रिहा किया जाए। इसी मांग को लेकर वे गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर डटे हुए थे और प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद कोई तत्काल समाधान नहीं निकल पाया था।
सेवादार को छोड़ा गया, बातचीत जारी
रविवार शाम प्रशासन और निहंगों के बीच हुई वार्ता के बाद सेवादार नवतेज सिंह को रिहा कर दिया गया। हालांकि प्रशासन का कहना है कि किसी को औपचारिक रूप से बंधक नहीं बनाया गया था। इसके बावजूद शुरुआती रिपोर्टों में गुरुद्वारे के सेवादार समेत दो लोगों को कब्जे में लेने की बात सामने आई थी।
प्रशासन बोला- गुरुद्वारे पर कोई कब्जा नहीं
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे में केवल आपसी विवाद की स्थिति बनी थी। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया गया है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है। गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।
पुलिस की निगरानी में चल रही वार्ता
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के अनुसार प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लगातार निहंगों से बातचीत कर रही है। वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शेष निहंग भी नीचे उतर आएंगे। स्थिति को देखते हुए गुरुद्वारे के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हेमकुंड साहिब यात्रा पर नहीं पड़ा असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगरासू गुरुद्वारा विवाद का हेमकुंड साहिब यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। यात्रा, धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह शांतिपूर्वक जारी है।



