मोहन यादव भूमि विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान: बोले- CM को बदनाम करने की साजिश रच रही भाजपा
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Priya Iyer
1 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Tanya Bajaj
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि खरीद विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुलकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश बताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अखिलेश बोले- मोहन यादव को बदनाम करने की कोशिश
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को बदनाम करने के उद्देश्य से यह मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मोहन यादव पहले से रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े रहे हैं, तो यह बात भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों को पहले से क्यों नहीं पता थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी आरोप की जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ-हानि को ध्यान में रखकर।
भाजपा तीन मुख्यमंत्रियों को बदलना चाहती है: अखिलेश
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा देश के तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाने की चर्चा इसलिए हो रही है ताकि उत्तर प्रदेश में भी नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक रणनीति के तहत ऐसे आरोप सामने लाए जा रहे हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में जनता स्वयं फैसला करेगी और "साइकिल इतनी तेज चलेगी कि सरकार अपने आप हट जाएगी।"
जमीन खरीद को लेकर कांग्रेस के आरोप
दूसरी ओर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का दावा है कि यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि सार्वजनिक दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर उठाए गए गंभीर प्रश्न हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की।
कांग्रेस ने न्यायिक जांच और इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उज्जैन क्षेत्र में हुई भूमि खरीद और बाद में विकसित हुई अधोसंरचना परियोजनाओं के बीच संबंधों की जांच होना आवश्यक है। पार्टी ने इस मामले को "महाकाल की जमीन की लूट" बताते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग भी उठाई है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यदि जमीन की खरीद हुई है तो वह कानूनी रजिस्ट्री प्रक्रिया के माध्यम से ही हुई होगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बिना रजिस्ट्री के कोई जमीन नहीं खरीदी जा सकती, इसलिए यदि कोई अनियमितता थी तो संबंधित विभागों को उसी समय जानकारी हो जानी चाहिए थी।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
मोहन यादव भूमि खरीद विवाद अब केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस के आरोप, भाजपा की प्रतिक्रिया और अब अखिलेश यादव के समर्थन के बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक बयानबाजी और जांच की मांगें सामने आ सकती हैं।






