जमीन सौदा, FIR और फिर सस्पेंशन: कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन

Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेBreaking news! Sabko is baare mein pata hona chahiye.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेYeh khabar sabko share karni chahiye!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
मध्य प्रदेश के कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर लगे गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जमीन सौदे में कथित धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद शुक्रवार को नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए हैं।
करोड़ों की जमीन 18.20 लाख रुपये में खरीदने का आरोप
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, ग्राम कन्हवारा की एक जमीन का सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में करा दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन मालिक पर दबाव बनाया गया और 15 लाख रुपये का चेक तथा 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी रकम का भुगतान नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन मालिक के जेल में रहने के दौरान नामांतरण की प्रक्रिया भी खरीदार के पक्ष में करा दी गई। पुलिस ने इन आरोपों की जांच के बाद CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों पर FIR
जमीन सौदे से जुड़े मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है। FIR भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच में 15 अप्रैल 2026 को हुए कथित 15 लाख रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
CSP कार्यालय किया गया सील
FIR दर्ज होने के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस टीम कटनी स्थित CSP कार्यालय पहुंची। कार्यालय में CSP के कक्ष के साथ स्टाफ रूम को भी सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान मामले से संबंधित दस्तावेजों या अन्य सामग्री की जरूरत पड़ सकती है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि, कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले भी वसूली के आरोपों से घिरी थीं CSP
नेहा पच्चीसिया पर इससे पहले भी कथित अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही से जुड़े आरोप लगाए जा चुके हैं। एक ट्रांसपोर्टर ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये की कथित वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके सरकारी ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने और उनसे कुछ थानों का प्रभार वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के मामले में भी उनकी भूमिका की जांच की बात सामने आई थी। इन मामलों की जांच जबलपुर स्तर पर कराए जाने की जानकारी दी गई है।
CM मोहन यादव ने कहा- पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को संबंधित CSP के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की ओर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर CSP कार्यालय को सील करने की कार्रवाई भी की गई।
कौन हैं नेहा पच्चीसिया?
नेहा पच्चीसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर तहसील की निवासी बताई जाती हैं। 12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने एविएशन में डिप्लोमा किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया। बाद में उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा की तैयारी की और MPPSC-2012 परीक्षा में सफलता हासिल की। उनका अंतिम परिणाम 2016 में आया, जिसमें उन्होंने प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की।
डीएसपी के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग गुना में CSP के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस मुख्यालय भोपाल और खंडवा में भी सेवाएं दीं। मई 2025 में पुलिस मुख्यालय की ट्रांसफर सूची के तहत उन्हें कटनी का नगर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
अपने खिलाफ चल रहे मामले को लेकर नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट का रुख भी किया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अब FIR और निलंबन के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि FIR जांच की शुरुआत है और दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक लेन-देन तथा गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन सौदे से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद हुआ निलंबन मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। पुलिस की विस्तृत जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि कथित जमीन सौदे और अन्य आरोपों में किसकी क्या भूमिका रही।



