Ujjain Shahi Masjid: उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर विवाद

Simran Arora
6 दिन पहलेNishpaksh patrakarita ke liye dhanyawad.
Aditya Verma
1 हफ्ते पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Neel Saxena
1 हफ्ते पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
Arjun Singh
1 हफ्ते पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद से जुड़ा विवाद सामने आया है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना के तहत शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा प्रभावित हो रहा है। प्रशासन के अनुसार, पूरी मस्जिद को नहीं हटाया जाना है, बल्कि सड़क के तय अलाइनमेंट में आने वाले हिस्से को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
रविवार रात बड़ी संख्या में जुटे लोग
मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाए जाने की सूचना के बाद रविवार रात बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समाज के लोगों और धर्मगुरुओं से बातचीत शुरू की।
प्रशासन और शहर काजी के बीच बनी सहमति
रविवार रात प्रशासन और शहर काजी खलिकुर्ररेहमान के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रशासन की मशीनों से सीधे कार्रवाई करने के बजाय मस्जिद से जुड़े लोगों द्वारा सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने पर सहमति बनी।
सुबह फिर बढ़ा विरोध और पथराव की स्थिति
सोमवार सुबह प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान विरोध करने वाला दूसरा समूह भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद भीड़ बढ़ने लगी और पुलिस बैरिकेडिंग के पास तनाव की स्थिति बनी। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने का प्रयास किया, जिसके बाद पथराव की स्थिति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और स्थिति संभालने की कोशिश की।
कार्रवाई सिर्फ प्रभावित हिस्से तक सीमित
इस पूरे विवाद में प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए पूरी शाही मस्जिद को हटाने की कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रस्तावित कार्रवाई केवल उस हिस्से से जुड़ी है, जो 15 मीटर सड़क के निर्धारित अलाइनमेंट में आ रहा है। इसमें नमाज पढ़ने की जगह का एक हिस्सा और अन्य संरचनाओं के प्रभावित हिस्से शामिल बताए गए हैं।
सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का हवाला
प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण को सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और यातायात व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसी मार्ग पर अन्य धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्सों को भी हटाया गया है। करीब 900 मीटर लंबे मार्ग पर कई धार्मिक स्थल सड़क चौड़ीकरण की जद में आने की बात सामने आई है।
मस्जिद से जुड़े लोगों ने उठाए वैकल्पिक विकल्पों के सवाल
मस्जिद से जुड़े लोगों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि आसपास के दुकानों और अन्य हिस्सों को पहले ही सड़क चौड़ीकरण के लिए दिया जा चुका है। उनका कहना है कि मस्जिद के हिस्से को हटाने के बजाय सड़क के अलाइनमेंट में बदलाव जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि निर्धारित सड़क चौड़ाई और आगामी सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए प्रभावित निर्माण हटाना आवश्यक है।
ओवैसी ने भी दी प्रतिक्रिया
विवाद के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों के तरीके का उल्लेख करते हुए कहा कि मस्जिदों को इस तरह नहीं हटाया जा सकता। उनका बयान इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा का भी हिस्सा बना।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की कोशिश स्थिति को नियंत्रित रखने और सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाने की है।
हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के खिलाफ याचिकाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी दायर की गई थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर को हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद सड़क चौड़ीकरण से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता आगे बढ़ा।
उज्जैन में फिलहाल विवाद का केंद्र सड़क चौड़ीकरण, शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई और इस मुद्दे पर सामने आए अलग-अलग पक्ष हैं। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था जारी रखी गई है।







