Pitbull Attack in Sonipat: 6 महीने के मासूम पर पिटबुल का हमला
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में 6 महीने के बच्चे पर पिटबुल के हमले का मामला सामने आया है। घटना 14 सितंबर की बताई गई है, जब बच्चा अपनी बुआ की गोद में था और वह उसे लेकर गली से गुजर रही थी। इसी दौरान पिटबुल अचानक उनकी तरफ दौड़ा और बच्चे पर हमला कर दिया। पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
बच्चे को पकड़कर सड़क पर घसीटा
CCTV फुटेज के मुताबिक पिटबुल ने बच्चे को पकड़ लिया और उसे सड़क पर घसीटने लगा। बच्चे को बचाने की कोशिश में उसकी बुआ भी घायल हुईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर कुत्ते को बच्चे से अलग करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद लोगों ने मासूम को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।
बच्चे को आईं गंभीर चोटें
हमले में बच्चे के चेहरे, मुंह, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। शुरुआती इलाज के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे आगे के उपचार के लिए रोहतक PGI रेफर किया गया। रिपोर्टों के अनुसार बच्चा अभी उपचाराधीन है और घटना के बाद परिवार काफी चिंतित है।
बुआ भी हमले में हुईं घायल
बच्चे को बचाने के दौरान उसकी बुआ ने भी कुत्ते को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पिटबुल ने उन पर भी हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। CCTV में आसपास के लोगों को बच्चे को बचाने के लिए मौके पर पहुंचते हुए देखा जा सकता है। एक व्यक्ति ने कुत्ते को पकड़कर बच्चे को छुड़ाने में मदद की।
परिवार ने अभी नहीं दी पुलिस शिकायत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद बच्चे के परिवार की ओर से अभी तक पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में कुत्ते के मालिक के खिलाफ किसी पुलिस कार्रवाई की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वहीं घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पालतू कुत्तों की निगरानी और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पालतू कुत्तों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना का CCTV सामने आने के बाद रिहायशी इलाकों में पालतू कुत्तों को रखने और उनकी निगरानी को लेकर बहस तेज हुई है। खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखी जा रही है। हालांकि, इस घटना के आधार पर किसी विशेष नस्ल पर व्यापक निष्कर्ष निकालने के बजाय जिम्मेदार पालतू-पालन, नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की मांग सामने आ रही है।



