Danam Nagender Moves SC: अयोग्यता के खिलाफ SC पहुंचे दानम नागेंद्र

अयोग्यता के खिलाफ SC पहुंचे दानम नागेंद्र
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तेलंगाना के खैरताबाद से विधायक रहे दानम नागेंद्र ने अपनी विधानसभा सदस्यता की अयोग्यता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें विधानसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया गया था। नागेंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। 21 सितंबर को उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामले की तत्काल सुनवाई की मांग भी रखी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अर्जेंट लिस्टिंग के लिए स्वीकार किया है।


हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को सुनाया था फैसला
तेलंगाना हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2026 को दानम नागेंद्र को विधानसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया था। अदालत ने विधानसभा स्पीकर के उस फैसले को भी रद्द कर दिया था, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि नागेंद्र 2024 के लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े थे, जबकि उस समय वह BRS के विधायक थे। इसी आधार पर अदालत ने उनकी विधानसभा सदस्यता को 23 अप्रैल 2024 से अयोग्य माना था।


2023 में BRS के टिकट पर बने थे विधायक
दानम नागेंद्र ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में खैरताबाद सीट से BRS के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया और 2024 के लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उस समय उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार थी। इसी घटनाक्रम को लेकर BRS और BJP से जुड़े नेताओं की ओर से उनकी अयोग्यता की मांग की गई थी। हाईकोर्ट में BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी और BJP विधायक अल्लेटी महेश्वर रेड्डी की ओर से इस मामले में याचिकाएं दायर की गई थीं।

 

खैरताबाद सीट को हाईकोर्ट ने माना रिक्त
हाईकोर्ट के फैसले के बाद खैरताबाद विधानसभा सीट को रिक्त घोषित किया गया था। अदालत ने अपने आदेश की प्रतियां तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर, विधानसभा सचिव और चुनाव आयोग को भेजने के निर्देश भी दिए थे। नागेंद्र ने अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगाने और अपनी सदस्यता से जुड़े आदेश को चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में मामले का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है और आगे की सुनवाई में अदालत इस याचिका पर विचार करेगी।


BRS और BJP ने भी दाखिल की कैविएट
दानम नागेंद्र के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही BRS और BJP की ओर से मामले में कैविएट दाखिल की जा चुकी है। कैविएट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागेंद्र की याचिका पर कोई आदेश पारित करने से पहले संबंधित पक्षों को भी सुना जाए। इस मामले में BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी और BJP विधायक अल्लेटी महेश्वर रेड्डी पहले हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में भी दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई आगे बढ़ने की संभावना है।


अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर
दानम नागेंद्र की याचिका के बाद अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। नागेंद्र हाईकोर्ट के अयोग्यता आदेश को चुनौती दे रहे हैं और उन्होंने मामले में राहत की मांग की है। दूसरी ओर, हाईकोर्ट का फैसला फिलहाल उनके खिलाफ है और अदालत ने उनकी सदस्यता को 23 अप्रैल 2024 से अयोग्य माना था। सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की है, जिस पर कोर्ट ने अर्जेंट लिस्टिंग की अनुमति दी है। अब आगे की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश और नागेंद्र की याचिका पर सुनवाई करेगा।

 

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