वृंदावन में बंदरों का आतंक: मोबाइल-चश्मा छीनकर 'फ्रूटी' के बदले लौटाने का अनोखा खेल

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Aarav Sharma

Aarav Sharma

17 घंटे पहले

Yeh khabar tezi se viral ho rahi hai, share karo!

Sai Mehta

Sai Mehta

20 घंटे पहले

Sach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

23 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye dhanyawad.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

1 दिन पहले

Acchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.

Myra Dubey

Myra Dubey

1 दिन पहले

Yeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.

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वृंदावन की पवित्र गलियों में एक बार फिर बंदरों का आतंक चर्चा का विषय बन गया है। देश-विदेश से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों बंदरों की शरारतों का सामना करना पड़ रहा है। बंदर मोबाइल फोन, चश्मा, पर्स और अन्य जरूरी सामान छीनकर भाग जाते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

 

खाने की चीज मिलने पर लौटा देते हैं सामान
स्थानीय लोगों के अनुसार, वृंदावन के कई बंदर अब इतने चालाक हो चुके हैं कि वे छीना हुआ सामान तब तक अपने पास रखते हैं, जब तक उन्हें खाने-पीने की कोई वस्तु नहीं मिल जाती। खासतौर पर फ्रूटी, जूस या अन्य पैकेट मिलने के बाद वे अक्सर मोबाइल या चश्मा छोड़ देते हैं। यही वजह है कि कई श्रद्धालु अपना सामान वापस पाने के लिए दुकानों से फ्रूटी खरीदकर बंदरों को देने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

 

सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे ऐसे वीडियो
बंदरों द्वारा सामान छीनने और बदले में खाने की चीज लेने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुके हैं। इन घटनाओं को देखकर लोग हैरान भी होते हैं और कई बार इसे मजेदार मानते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि यह अब केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।

 

स्थायी समाधान की उठ रही मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक नगरी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। उनका मानना है कि बंदरों के बढ़ते आतंक पर प्रभावी नियंत्रण और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

 

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सावधानी
वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मोबाइल, चश्मे, पर्स और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें। बंदरों के बेहद करीब जाने से बचें, उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। छोटी-सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

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Aarav Sharma

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17 घंटे पहले

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Sai Mehta

Sai Mehta

20 घंटे पहले

Sach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

23 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye dhanyawad.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

1 दिन पहले

Acchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.

Myra Dubey

Myra Dubey

1 दिन पहले

Yeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.

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