SP Alleges Vote Fraud: राम गोपाल यादव का भाजपा नेताओं पर वोट काटने का आरोप

Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
राम गोपाल यादव ने भाजपा पर लगाया वोट काटने का आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से सपा समर्थकों के नाम हटाने की कथित साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ भाजपा नेता एसडीएम की मिलीभगत से मतदाता सूची में हेरफेर कर रहे हैं। इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आरोपों से जुड़े साक्ष्य मांगे हैं और जांच का आश्वासन दिया है।
एसडीएम के आईडी-पासवर्ड के दुरुपयोग का दावा
राम गोपाल यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कुछ अधिकारी अपने आईडी और पासवर्ड भाजपा कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं। उनका दावा है कि ऐसे कार्यकर्ता मतदाता पंजीकरण केंद्र के प्रभारियों के साथ बैठकर सपा समर्थकों के वोट काटने और अपने समर्थकों के नाम जुड़वाने का काम कर रहे हैं।
हर विधानसभा में 10 हजार वोट काटने का आरोप
सपा नेता ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि मतदाता पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में आने वाले ओटीपी का इस्तेमाल भी कथित तौर पर इस काम के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित साजिश के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार सपा समर्थकों के वोट हटाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
चुनाव आयोग ने मांगे सबूत
राम गोपाल यादव ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेने और कथित रूप से दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इसके जवाब में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक्स पर कहा कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के संबंध में ऐसी शिकायत या संदेह है तो उसकी जानकारी और साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएं।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराई जाएगी और आवश्यक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में सपा नेता के आरोपों और चुनाव आयोग की ओर से मांगे गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।








