Gaikwad Farmers Remark Row: किसानों की आत्महत्या पर संजय गायकवाड का विवादित बयान

Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
किसानों के मुद्दे पर संजय गायकवाड का विवादित बयान
महाराष्ट्र के बुलढाणा से शिवसेना विधायक संजय गायकवाड किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर दिए गए अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। उन्होंने किसानों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों से मदद मांगने की अपील की। हालांकि, इस दौरान उन्होंने आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसकी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आलोचना हो रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया था बयान
यह बयान मंगलवार को बुलढाणा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आया। गायकवाड से किसानों की आत्महत्या को लेकर एक नेता की हालिया टिप्पणी पर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि परेशान किसानों को अपनी समस्याएं सरकार, विधायक या सांसद तक पहुंचानी चाहिए, ताकि उनकी मदद की जा सके।
परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी का किया जिक्र
गायकवाड ने अपने बयान में किसानों से परिवार की जिम्मेदारी निभाने और मुश्किल समय में मदद लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी परेशानियों के बारे में जनप्रतिनिधियों को बताना चाहिए। हालांकि, उनकी टिप्पणी का एक हिस्सा बेहद आपत्तिजनक माना गया और इसी वजह से विवाद बढ़ गया।
पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं विधायक
संजय गायकवाड इससे पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने गले में बाघ का दांत पहनकर दावा किया था कि उन्होंने वर्ष 1987 में बाघ का शिकार किया था। इस दावे को लेकर भी विवाद हुआ था।
कैंटीन कर्मचारी से मारपीट का मामला
पिछले साल मुंबई के विधायक हॉस्टल की कैंटीन में खाने की गुणवत्ता को लेकर गायकवाड का एक कर्मचारी से विवाद हुआ था। आरोप था कि उन्होंने बासी खाना परोसने के मुद्दे पर कर्मचारी को थप्पड़ मारा। इस घटना के बाद भी उनकी काफी आलोचना हुई थी।
बयान पर कार्रवाई को लेकर चर्चा
किसानों से जुड़े ताजा बयान के बाद गायकवाड के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराजगी और पार्टी से निलंबन के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही उसकी स्थिति स्पष्ट होगी।








