भारत-अमेरिका व्यापार समझौता फिलहाल टला: जल्दबाज़ी में डील नहीं करेगा भारत

जल्दबाज़ी में डील नहीं करेगा भारत
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Simran Arora

Simran Arora

5 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Aditya Verma

Aditya Verma

6 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

9 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Ayaan Khan

Ayaan Khan

11 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर फिलहाल अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह केवल समयसीमा पूरी करने के लिए किसी भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगी। सरकार का कहना है कि समझौता तभी होगा जब वह भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुरूप होगा।


राष्ट्रीय हित और किसानों की सुरक्षा सर्वोपरि
वार्ता के दौरान भारत ने कृषि, डेयरी और MSME जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर अपना रुख स्पष्ट रखा है। सरकार का कहना है कि भारतीय किसानों, डेयरी उत्पादकों और छोटे उद्योगों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इन क्षेत्रों को भारत ने अपनी प्रमुख "रेड लाइंस" माना है, जिन पर किसी प्रकार की रियायत देने के संकेत नहीं दिए गए हैं।


मजबूत अर्थव्यवस्था से बढ़ी भारत की सौदेबाजी क्षमता
भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और निर्यात में सुधार ने व्यापार वार्ता में उसकी स्थिति को मजबूत किया है। हाल के महीनों में भारत ने ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाया है और यूरोपीय संघ के साथ भी बातचीत जारी है। इससे भारत के पास व्यापारिक विकल्प बढ़े हैं और किसी एक देश पर निर्भरता कम हुई है।

 

अमेरिकी टैरिफ और बाजार पहुंच पर मतभेद
अमेरिका चाहता है कि उसे भारतीय कृषि और डेयरी बाजार में अधिक पहुंच मिले, जबकि भारत कुछ भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ में राहत चाहता है। दोनों देशों के बीच शुल्क (Tariffs), बाजार पहुंच (Market Access) और गैर-शुल्क बाधाओं को लेकर अभी भी कई मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।


24 जुलाई की समयसीमा पर सबकी नजर
दोनों देशों के अधिकारी विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी रखे हुए हैं। 24 जुलाई 2026 की समयसीमा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी अवधि से जुड़े अमेरिकी टैरिफ प्रावधानों पर आगे का निर्णय होना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आवश्यक हुआ तो वार्ता समयसीमा के बाद भी जारी रह सकती है।


सरकार का संदेश- संतुलित और लाभकारी समझौता ही स्वीकार
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत केवल ऐसा व्यापार समझौता करेगा जिससे भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और अर्थव्यवस्था को स्पष्ट लाभ मिले। सरकार ने दोहराया है कि किसी भी बाहरी दबाव में आकर दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। व्यापार वार्ता फिलहाल जारी है और अंतिम निर्णय दोनों देशों की सहमति के बाद ही होगा।

 

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Simran Arora

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5 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Aditya Verma

Aditya Verma

6 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

9 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Ayaan Khan

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11 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

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