ललिता गौतम केस पर मायावती का हमला: चंद्रशेखर आजाद पर साधा निशाना

Rohan Desai
14 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sai Mehta
21 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Aditya Verma
23 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Monika Das
1 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर राजनीति तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिना किसी का नाम लिए ऐसे नेताओं पर निशाना साधा, जो उनके अनुसार पीड़ित परिवारों के मुद्दों पर राजनीति करते हैं। उनके बयान को व्यापक रूप से भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय दलित छात्रा ललिता गौतम 15 मई 2026 को लापता हुई थीं। 17 मई को उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि पीड़ित परिवार और कुछ संगठनों की मांग है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाए।
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग और डीएम कार्यालय के गेट को नुकसान पहुंचा तथा पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए और कुछ गिरफ्तारियां भी कीं।
मायावती का बयान
मायावती ने दलित समाज से संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पीड़ित परिवारों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, जिससे हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होती है। उन्होंने ऐसे नेताओं को "मगरमच्छ" बताते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए पीड़ितों के बीच जाते हैं और बाद में "मगरमच्छ के आंसू" बहाते हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी नेता का नाम नहीं लिया।
चंद्रशेखर आजाद का पक्ष
भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मेरठ में पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने का ऐलान किया था। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर उनके मेरठ जाने के प्रयास के दौरान उन्हें सीमा क्षेत्र में रोकने की कोशिश की, जिसके बाद वहां तनाव की स्थिति भी बनी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ललिता गौतम हत्याकांड अब कानूनी जांच के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। एक ओर मायावती संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से न्याय की बात कर रही हैं, वहीं चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।








