Delhi SIR Form 6 Delay: दिल्ली SIR में 4.5 लाख फॉर्म-6 आवेदनों में से सिर्फ 1,238 का निपटारा

दिल्ली SIR में 4.5 लाख फॉर्म-6 आवेदनों में से सिर्फ 1,238 का निपटारा
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Ayaan Khan

Ayaan Khan

0 सेकंड पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Payal jadon

Payal jadon

3 घंटे पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Monika Das

Monika Das

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

6 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Anil Sen

Anil Sen

6 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Anil Sen

Anil Sen

8 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

9 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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दिल्ली SIR में फॉर्म-6 के निपटारे की रफ्तार धीमी
दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया धीमी होने का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए मिले करीब 4.5 लाख फॉर्म-6 आवेदनों में से केवल 1,238 का निपटारा किया गया। ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को जारी हुई थी और जिन पात्र नागरिकों के नाम इसमें शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित अवधि में फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ने का दावा कर सकते हैं। आवेदनों की कम संख्या में प्रक्रिया पूरी होने से उन नागरिकों की चिंता बढ़ी है, जो अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराना चाहते हैं।

 

47.5 लाख हटाए गए नामों का दोबारा सत्यापन भी चुनौती
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार, बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLOs) को उन 47.5 लाख नामों का घर-घर जाकर सत्यापन करना है, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट जैसी श्रेणियों के तहत ड्राफ्ट सूची से हटाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर तक प्राप्त आंकड़ों में करीब 2.39 लाख आवेदन ऐसे लोगों के थे, जो नाम दोबारा जुड़वाना चाहते हैं या ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद पहली बार आवेदन कर रहे हैं। वहीं, लगभग 2.12 लाख आवेदन जून से अगस्त के बीच मिले थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 15 में फॉर्म-6 के किसी भी आवेदन का निपटारा नहीं हुआ था। उत्तरी जिले में 36 हजार से अधिक आवेदन मिलने के बावजूद केवल 27 का निपटारा होने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने देरी की वजह BLOs के दूसरे मामलों में व्यस्त रहने को बताया है।

 

फॉर्म-7 के निपटारे में तेजी, फॉर्म-6 के आवेदक परेशान
आंकड़ों के अनुसार, फॉर्म-7 के 5,800 से अधिक आवेदनों का निपटारा किया जा चुका था, जबकि फॉर्म-6 के मामलों में प्रगति काफी कम रही। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है, जबकि फॉर्म-7 के जरिए किसी मौजूदा नाम पर आपत्ति दर्ज कराने या उसे हटाने का अनुरोध किया जा सकता है। दोनों प्रकार के मामलों में सत्यापन की प्रक्रिया जरूरी होती है। रिपोर्ट के अनुसार, फॉर्म-6 में BLO को भौतिक सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होती है, जिसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाता है। जिन नागरिकों के आवेदन लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें आशंका है कि यदि आवेदन में कोई कमी पाई गई तो समय रहते उसे ठीक करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए आवेदन की स्थिति की जानकारी लेना और जरूरत पड़ने पर संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

 

अंतिम मतदाता सूची से पहले समय पर निपटारा जरूरी
रिपोर्ट में दावों और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 30 नवंबर और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 4 दिसंबर बताई गई है। ऐसे में निर्वाचन अधिकारियों के सामने लंबित आवेदनों की जांच पूरी करने और पात्र नागरिकों के दावों पर समय से फैसला लेने की चुनौती है। रिपोर्ट में 30 अक्टूबर के बाद आवेदन में गलती सुधारने का अवसर सीमित होने को लेकर भी आवेदकों की चिंता का उल्लेख किया गया है, हालांकि इस समय-सीमा की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि संबंधित निर्वाचन कार्यालय से करना उचित होगा। मतदाता सूची में नाम शामिल है या नहीं, इसकी जांच करना और आवेदन से जुड़े दस्तावेज तैयार रखना नागरिकों के लिए उपयोगी रहेगा। SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध निपटारा और पात्र मतदाताओं के दावों की सही जांच महत्वपूर्ण है, ताकि अंतिम सूची में योग्य नागरिकों के नाम शामिल हो सकें।

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Ayaan Khan

Ayaan Khan

0 सेकंड पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Payal jadon

Payal jadon

3 घंटे पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Monika Das

Monika Das

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

6 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Anil Sen

Anil Sen

6 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Anil Sen

Anil Sen

8 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

9 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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