CJP Leadership Controversy: अभिजीत दिपके बोले, आशुतोष रांका और सौरव दास के निर्देशों पर करता था काम

Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Anjali Patil
56 मिनट पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Tanya Bajaj
2 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Aditya Verma
4 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Shruti Bajpai
5 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Neel Saxena
6 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
CJP आंदोलन की अगुवाई पर अभिजीत दिपके का बयान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन की अगुवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भले ही बाहर से लोग उन्हें आंदोलन का प्रमुख चेहरा मानते हों, लेकिन आंदोलन को आगे बढ़ाने में को-कन्वीनर आशुतोष रांका और सौरव दास की अहम भूमिका रही। 20 अक्टूबर को जारी अपने वीडियो में अभिजीत ने बताया कि दोनों उन्हें आगे की गतिविधियों और कार्यक्रमों के बारे में निर्देश देते थे, जिनका वह पालन करते थे। उनके इस बयान के बाद आंदोलन के नेतृत्व और तीनों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
खुद को बचाने के आरोपों पर दिया जवाब
अभिजीत दिपके ने एक अन्य वीडियो में उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह खुद को बचाने के लिए आंदोलन की जिम्मेदारी आशुतोष रांका और सौरव दास पर डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात को ही अंतिम मानने वाली सोच में विश्वास नहीं करते। उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति उनसे बेहतर सोच सकता है और बेहतर फैसले ले सकता है, तो इसे स्वीकार करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने आशुतोष और सौरव को बेहतर नेता और इंसान बताते हुए उनके साथ अपने संबंधों को परिवार जैसा बताया।
आशुतोष रांका और सौरव दास की भूमिका पर चर्चा
अभिजीत के बयान के बाद CJP आंदोलन में नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि संगठन में विचार-विमर्श के बाद उस सुझाव पर काम किया जाता था, जिसे सबसे बेहतर माना जाता था। उनके अनुसार, आंदोलन को आगे बढ़ाने में आशुतोष और सौरव का योगदान महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, नेतृत्व को लेकर उनके बयान पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अभिजीत ने इन प्रतिक्रियाओं के बीच स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य दोनों नेताओं को श्रेय देना है, न कि जिम्मेदारी से पीछे हटना।
आशुतोष और सौरव के मामलों की जांच जारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को CJP से जुड़े कुछ लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां प्रदर्शन को लेकर पुलिस के साथ विवाद हुआ। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों के रोकने के बावजूद नारेबाजी की और पुलिस के काम में बाधा डाली। इस मामले में 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े दो मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। दोनों की न्यायिक हिरासत और मामले की आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार स्पष्ट होगी।








