स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर सियासत तेज: पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर गरमाई सियासत

Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में विकसित भारत 2047 का रोडमैप सामने रखा। साथ ही उन्होंने युवाओं को 'दिमागी नक्सल' विचारधारा से सावधान रहने की अपील की। इस टिप्पणी पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने इसे युवाओं और सरकार के आलोचकों का अपमान बताया। वहीं बीजेपी ने प्रधानमंत्री के बयान का बचाव करते हुए इसे देशहित से जुड़ा संदेश बताया है।
'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर विपक्ष का पलटवार
पीएम मोदी ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और 'दिमागी नक्सल' के बहकावे में नहीं आने की अपील की थी। इस बयान के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। विपक्ष का कहना है कि सरकार पहले अपने आलोचकों को 'अर्बन नक्सल' कहती थी और अब 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने इस टिप्पणी को राजनीतिक हताशा से जोड़कर हमला किया।
वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों के लिए किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री को बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े जमीनी मुद्दों पर ज्यादा चर्चा करनी चाहिए थी। विपक्ष ने दावा किया कि भाषण में सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ विपक्ष पर निशाना साधने पर भी जोर रहा। इन आरोपों के चलते प्रधानमंत्री का भाषण राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
महिला आरक्षण को लेकर भी सियासी तकरार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राजनीतिक दलों से मतभेदों से ऊपर उठकर महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। विपक्ष ने पलटवार करते हुए सरकार पर महिला आरक्षण के क्रियान्वयन में देरी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। इसको लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग देखने को मिली।
भाषण के दौरान अटकने पर विपक्ष का तंज
प्रधानमंत्री के भाषण के एक हिस्से को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। विपक्षी नेताओं ने भाषण की एक क्लिप साझा करते हुए पीएम मोदी के बोलने के अंदाज पर सवाल उठाए। कुछ नेताओं ने इसे आत्मविश्वास में कमी और असहजता से जोड़कर तंज किया। हालांकि, बीजेपी समर्थकों ने विपक्ष के इन हमलों को अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी बताया। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज रही।
बीजेपी ने पीएम के भाषण का किया बचाव
विपक्ष के आरोपों के बीच बीजेपी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का बचाव किया। बीजेपी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के भविष्य, युवाओं, तकनीक और आर्थिक विकास को लेकर स्पष्ट रोडमैप दिया है। पार्टी नेताओं ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को भाषण का प्रमुख संदेश बताया। बीजेपी ने विपक्ष पर राष्ट्रीय पर्व के भाषण को राजनीतिक चश्मे से देखने का आरोप लगाया। 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी को भी बीजेपी ने युवाओं को वैचारिक रूप से जागरूक करने वाला संदेश बताया। इस पूरे विवाद के बीच स्वतंत्रता दिवस के बाद देश की सियासत और गरमा गई है।







