6 नगर निगमों में महिला मेयर: 309 नगरीय निकायों के लिए आरक्षण लॉटरी

309 नगरीय निकायों के लिए आरक्षण लॉटरी
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Arjun Singh

Arjun Singh

0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं।स्वायत्त शासन विभाग ने 309 नगरीय निकायों के प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी जारी की।लॉटरी के दौरान महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की स्थिति तय की गई।इस प्रक्रिया के बाद कई शहरों में चुनावी दावेदारों की रणनीति बदल गई है।राज्य के प्रमुख नगर निगमों में भी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है।अब राजनीतिक दल अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज कर सकते हैं।निकाय चुनाव से पहले राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।


जयपुर और जोधपुर में मेयर पद सामान्य
राजस्थान के बड़े नगर निगमों में जयपुर और जोधपुर को अनारक्षित रखा गया है।इसके अलावा उदयपुर और बीकानेर में भी महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए रहेगा।इन सीटों पर किसी भी वर्ग का पात्र पार्षद महापौर पद के लिए चुनाव लड़ सकेगा।आरक्षण की घोषणा के बाद इन शहरों में दावेदारों की सक्रियता बढ़ सकती है।राजनीतिक दलों के भीतर टिकट को लेकर भी मुकाबला तेज होने की संभावना है।महापौर पद के संभावित उम्मीदवार अब अपनी रणनीति बनाने में जुटेंगे।चारों निगमों में आगामी चुनाव काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


छह निगमों में महिला महापौर
राजस्थान के छह नगर निगमों में महिला महापौर का रास्ता साफ हुआ है।अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा और पाली में पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।कोटा नगर निगम में महापौर पद OBC महिला के लिए आरक्षित किया गया है।इस आरक्षण से इन शहरों में महिला दावेदारों को चुनावी अवसर मिलेगा।राजनीतिक दलों को अब महिला उम्मीदवारों के नाम पर विचार करना होगा।स्थानीय राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहेगा।आरक्षण के बाद टिकट के लिए संभावित दावेदारों की दौड़ तेज हो सकती है।

 

309 निकायों में श्रेणीवार आरक्षण
आरक्षण लॉटरी में 309 निकायों के अध्यक्ष पदों की श्रेणीवार स्थिति तय की गई है।कुल 188 पद अनारक्षित वर्ग के लिए रखे गए हैं।OBC वर्ग के लिए 60 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 21 महिला सीटें हैं।SC वर्ग के लिए 50 पद रखे गए हैं, जिनमें 16 पद महिलाओं के लिए हैं।ST वर्ग के हिस्से में 11 पद आए हैं, जिनमें 3 महिला सीटें शामिल हैं।इस आरक्षण व्यवस्था से अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए अवसर तय होंगे।अब उम्मीदवार और राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर चुनावी गणित तैयार करेंगे।


OBC आरक्षण को लेकर सियासत तेज
आरक्षण सूची सामने आने के बाद राजस्थान में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।कांग्रेस नेताओं ने OBC आरक्षण के अनुपात को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरक्षण व्यवस्था पर आपत्ति जताई है।गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने भी सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।विपक्ष का आरोप है कि OBC वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में पर्याप्त आरक्षण नहीं मिला।सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।निकाय चुनाव से पहले आरक्षण बड़ा चुनावी मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।


17 और 18 अगस्त को वार्ड आरक्षण की लॉटरी
नगर निकाय प्रमुखों के आरक्षण के बाद अब वार्डों की बारी है।17 और 18 अगस्त को जिलों में वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आयोजित की जाएगी।कलेक्टरों की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।वार्ड आरक्षण तय होने के बाद चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।कई संभावित उम्मीदवारों को अपने पुराने वार्ड की जगह नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।राजनीतिक दल भी वार्डवार उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम रणनीति बना सकेंगे।इसके साथ ही राजस्थान निकाय चुनाव की तैयारियां अगले चरण में पहुंच जाएंगी।

 

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Arjun Singh

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aryan Malhotra

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0 सेकंड पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Vivaan Gupta

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0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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