संसद मार्ग थाने के बाहर धरना: राहुल गांधी का 6 घंटे धरना

Pranav Srivastava
48 मिनट पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sai Mehta
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Payal jadon
5 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Harsh Pandya
5 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ritika Ghosh
6 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Tanya Bajaj
7 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Simran Arora
7 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Priya Iyer
9 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Yash Kulkarni
10 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ritika Ghosh
11 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 अगस्त को छात्र साहिल लोचब को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। पीड़ित छात्र के परिवार का आरोप था कि शिकायत के बावजूद पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही थी। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होने तक वह वहां से नहीं हटेंगे। बताया गया कि उनका धरना करीब 6 से 7 घंटे तक चला। इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए।
पैलेट गन से घायल हुआ छात्र
मामला 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा बताया जा रहा है। 19 वर्षीय साहिल लोचब के कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल होने का आरोप है। परिवार के अनुसार उसके शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं। परिवार ने दावा किया कि चोट के कारण उसकी एक आंख की रोशनी को भी खतरा है। पीड़ित पक्ष लंबे समय से FIR दर्ज कराने की मांग कर रहा था। इसी मामले को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की FIR
राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1) के तहत दर्ज किया गया। यह धारा खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने इसे पीड़ित छात्र के लिए न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। हालांकि मामले में आगे की जांच और जिम्मेदारी तय करना पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
कांग्रेस नेताओं का जुटा जमावड़ा
राहुल गांधी के धरने की जानकारी मिलते ही प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई कांग्रेस नेता वहां पहुंचे। जयराम रमेश और सलमान खुर्शीद सहित अन्य नेताओं ने भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूदगी दर्ज कराई। थाने के आसपास कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई। कांग्रेस नेताओं ने छात्र के लिए न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
धरना समाप्त होने के बाद राहुल गांधी ने FIR दर्ज होने को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि छात्र के शरीर में बड़ी संख्या में पैलेट के छर्रे मौजूद हैं। राहुल गांधी ने पुलिस पर कथित दबाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष के नेता को FIR के लिए घंटों धरने पर बैठना पड़े तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी। उन्होंने गृह मंत्रालय के स्तर से मंजूरी मिलने का भी दावा किया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण रहेंगे।
BJP ने धरने पर साधा निशाना
राहुल गांधी के धरने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर राजनीतिक प्रदर्शन करने का आरोप लगाया। बीजेपी ने इसे हेडलाइन बटोरने की राजनीति बताया। पार्टी की ओर से कहा गया कि मामला पहले से न्यायिक प्रक्रिया और जांच से जुड़ा है। बीजेपी ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस का कहना है कि छात्र को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पर कार्रवाई का दबाव जरूरी था। अब इस मामले में जांच और FIR के बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।






