राजस्थान में कांग्रेस का बड़ा मार्च: स्कूलों में नो एंट्री पर विरोध

स्कूलों में नो एंट्री पर विरोध
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Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Arjun Singh

Arjun Singh

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Kabir Shukla

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2 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Anika Rajput

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3 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

3 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

3 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

4 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और मीडिया कवरेज को लेकर सरकार के नए दिशा-निर्देशों पर विवाद बढ़ गया है। शिक्षा विभाग ने बिना पूर्व अनुमति के बाहरी व्यक्तियों के स्कूल परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई है। इसके साथ ही फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी अनुमति जरूरी कर दी गई है। कांग्रेस ने इन प्रतिबंधों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि नए नियम पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की निगरानी को प्रभावित करेंगे। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने जयपुर में सविनय अवज्ञा पैदल मार्च निकाला।


पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक मार्च
कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं ने जयपुर के त्रिमूर्ति सर्किल स्थित आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने किया। कांग्रेस नेता स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए परिसर में जाना चाहते थे। पुलिस ने स्कूल के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। बाद में कांग्रेस नेता पैदल मार्च करते हुए विधानसभा की ओर रवाना हो गए।


कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों और मीडिया की एंट्री रोकने का फैसला केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए नहीं है। पार्टी का दावा है कि सरकार स्कूलों की जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को सार्वजनिक होने से रोकना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने राज्य में शिक्षकों के बड़ी संख्या में खाली पदों का भी मुद्दा उठाया। विपक्ष ने कहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आना जरूरी है ताकि सरकार से जवाब मांगा जा सके। कांग्रेस ने नए दिशा-निर्देशों को पारदर्शिता के खिलाफ बताया है। पार्टी ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग भी की है।

 

सरकार ने बच्चों की सुरक्षा का दिया तर्क
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों में प्रवेश और मीडिया गतिविधियों को नियंत्रित करने के पीछे बच्चों की सुरक्षा और निजता का तर्क दिया गया है। शिक्षा विभाग के निर्देशों में बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। स्कूल प्रशासन को नियमों का उल्लंघन होने पर स्थानीय पुलिस को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि बच्चों की गरिमा और निजता की सुरक्षा जरूरी है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर मीडिया और जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह रोकना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।


विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना
स्कूल के बाहर रोके जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के नए निर्देशों को लेकर तीखा विरोध जताया। कांग्रेस ने कहा कि जब तक सरकार स्कूलों में प्रवेश और मीडिया कवरेज से जुड़े प्रतिबंधों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रदर्शन के दौरान उठाया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को दोहराया। इस विरोध के चलते राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भी राजनीतिक तनाव देखने को मिला।


विधानसभा की कार्यवाही पर भी असर
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस के विरोध का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। विपक्षी सदस्यों ने स्कूलों से जुड़े नए दिशा-निर्देशों को लेकर सदन में हंगामा किया। बाहर कांग्रेस नेताओं का धरना और प्रदर्शन भी जारी रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी विधानसभा और सड़क पर उठाती रहेगी। वहीं सरकार अपने फैसले को बच्चों की सुरक्षा और निजता से जुड़ा कदम बता रही है। अब दोनों पक्षों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप ले सकता है।

 

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Sai Mehta

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Arjun Singh

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India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Sai Mehta

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Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Kabir Shukla

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Anika Rajput

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Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Trapti Tanwar

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Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

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Pranav Srivastava

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

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6 घंटे पहले

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Vaishali shinde

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7 घंटे पहले

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