मानसून सत्र से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका: शिंदे गुट में 6 सांसदों के विलय को मंजूरी

Diya Gupta
16 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Arjun Singh
16 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aditya Verma
16 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Sonu rai
16 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ravi sinha
16 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Aarohi Chaudhary
16 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Rohan Desai
21 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Dev Kapoor
21 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
22 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Saanvi Pandey
22 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Rohan Desai
23 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Myra Dubey
1 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Anil Sen
1 दिन पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर केंद्र सरकार ने संसद भवन एनेक्सी में सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों से सहयोग की अपील की, वहीं दूसरी ओर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी मिलने से नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने इस फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, सरकार ने मांगा सहयोग-संसद के आगामी मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्ष ने संकेत दिए कि वह NEET-UG पेपर लीक, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा।
लोकसभा में बदला शक्ति संतुलन, शिंदे गुट को बड़ी बढ़त
सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मान्यता दे दी। इसके बाद लोकसभा में शिंदे गुट की संख्या बढ़कर 13 सांसद हो गई, जबकि उद्धव ठाकरे गुट के पास अब केवल 3 सांसद रह गए हैं। इस फैसले ने महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ संसद के समीकरण भी बदल दिए हैं।
विपक्ष का विरोध, अदालत जाने की तैयारी
शिवसेना (UBT) ने इस निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केवल विधायी दल में बहुमत होना पर्याप्त नहीं है। पार्टी का दावा है कि संगठनात्मक ढांचे और दलबदल विरोधी कानून की भावना का उल्लंघन हुआ है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
MC बागी सांसदों पर भी बढ़ा विवाद
लोकसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए 20 सांसदों को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के रूप में अलग बैठने की अनुमति भी दे दी है। सर्वदलीय बैठक में इन्हें आमंत्रित किए जाने पर कुछ विपक्षी दलों ने विरोध जताया और बैठक का बहिष्कार किया। इससे मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सांसदों के विलय को पूरी तरह संवैधानिक और दलबदल विरोधी कानून के अनुरूप बताया है। वहीं कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार संख्या बल बढ़ाकर महत्वपूर्ण विधेयकों को जल्दबाजी में पारित कराने की रणनीति अपना रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना बढ़ गई है।
मानसून सत्र में टकराव के आसार
20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में सरकार महिला आरक्षण, परिसीमन सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष पेपर लीक, महंगाई, किसानों, बेरोजगारी और राजनीतिक दलबदल जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में संसद के भीतर तीखी बहस और जोरदार राजनीतिक मुकाबले की पूरी संभावना है।








