हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार: पुलिस एनकाउंटर में पैर में लगी गोली

Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Shruti Bajpai
4 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Arjun Singh
4 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Anil Sen
6 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Nidhi kumari
7 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Nisha Shah
8 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Neha Tripathi
9 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए विनोद उपाध्याय हत्याकांड के मुख्य आरोपी सौरभ उपाध्याय को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए सीएचसी रतसड़ भेजा गया।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
गड़वार थाना पुलिस रतसड़-नूरपुर मार्ग स्थित पुलिया के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और आरोपी घायल हो गया।
गवाह की हत्या की साजिश का खुलासा
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सौरभ उपाध्याय ने स्वीकार किया कि उसने 4 जुलाई 2026 को अपने पिता देवेंद्र उपाध्याय के कहने पर साथियों के साथ मिलकर विनोद उपाध्याय की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार, मृतक विनोद आरोपी के खिलाफ चल रहे पुराने आपराधिक मामले का मुख्य गवाह था और गवाही रोकने के उद्देश्य से उसकी हत्या की गई।
मुठभेड़ स्थल से अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से एक अवैध .315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। पुलिस टीम पर फायरिंग करने के मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी के निर्देश पर कई टीमें कर रहीं छापेमारी
बलिया पुलिस के अनुसार, हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गवाहों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
विनोद उपाध्याय की हत्या के पीछे मुख्य गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश सामने आने के बाद गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों की सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








