तमिलनाडु में सरकार गिराने की साजिश का दावा: CM विजय की सरकार पर संकट

Sonu rai
2 दिन पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ada khan
2 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pranav Srivastava
2 दिन पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Priya Iyer
2 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार को अस्थिर करने के कथित प्रयासों ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि सत्ता पक्ष के विधायकों को तोड़ने और सरकार को अल्पमत में लाने की कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
विधायक ने ₹35 करोड़ की रिश्वत ऑफर का लगाया आरोप
विवाद की शुरुआत TVK विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओपिनियन पोलिंग ग्रुप से जुड़े यूट्यूबर और उसके सहयोगियों ने विधानसभा में पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान करने के बदले ₹35 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकराकर तुरंत पार्टी नेतृत्व और पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
'प्रोजेक्ट मेघालय' और 'ऑपरेशन एल' की चर्चा तेज
मीडिया रिपोर्टों में सरकार गिराने की कथित साजिश को 'प्रोजेक्ट मेघालय' नाम दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री विजय की जवाबी रणनीति को 'ऑपरेशन एल' कहा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि TVK विपक्षी AIADMK के कुछ विधायकों को अपने पक्ष में लाकर विधानसभा में बहुमत और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस की कार्रवाई तेज, 9 आरोपी गिरफ्तार
चेन्नई पुलिस ने मामले की जांच के दौरान अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां कथित हॉर्स-ट्रेडिंग नेटवर्क, बिचौलियों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कुछ राजनीतिक नाम भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं, हालांकि किसी के खिलाफ अभी तक अदालत में दोष सिद्ध नहीं हुआ है। पुलिस ने एक वरिष्ठ टीवी पत्रकार से भी पूछताछ की है।
सत्ता और विपक्ष के बीच तेज हुए आरोप-प्रत्यारोप
सत्तारूढ़ TVK का आरोप है कि विपक्ष उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का सहारा ले रहा है। दूसरी ओर DMK ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि सरकार राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए यह मुद्दा उछाल रही है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है और मामला अब राज्य की प्रमुख राजनीतिक बहस बन चुका है।
जांच के नतीजों पर टिकी तमिलनाडु की राजनीतिक नजर
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष तमिलनाडु की राजनीति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं। फिलहाल सरकार गिराने की कथित साजिश और जवाबी राजनीतिक रणनीति दोनों ही राज्य की राजनीति के केंद्र में हैं।







