Who Is Neha Bora: कौन हैं नेहा बोरा, क्यों फिर चर्चा में आईं

Saanvi Pandey
13 मिनट पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Neha Tripathi
1 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Myra Dubey
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Trapti Tanwar
3 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Dev Kapoor
5 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Diya Gupta
6 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फिर चर्चा में नेहा बोरा
छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा इन दिनों जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट संशोधन की SIR प्रक्रिया के खिलाफ AISA, CJP और विपक्षी दलों से जुड़े प्रदर्शन के दौरान नेहा के सड़क पर बैठने और बाद में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें उठाकर पुलिस वैन तक ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। नेहा ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया।
कौन हैं नेहा बोरा?
नेहा बोरा को छात्र नेता, रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और शोधार्थी के तौर पर जाना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और युवा राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता अभियानों में भी हिस्सा लिया है। वह मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र से बताई जाती हैं और उनके पिता भारतीय सेना में रहे हैं, जिसके कारण उनका बचपन अलग-अलग शहरों में बीता।
पढ़ाई और रिसर्च से भी जुड़ी हैं
नेहा बोरा ने सिलीगुड़ी के दिल्ली पब्लिक स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से मास्टर डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी शोधार्थी बताई जाती हैं। उनकी शोध रुचि थिएटर और कला के सामाजिक अध्ययन से जुड़ी है।
23 दिनों तक की थी भूख हड़ताल
नेहा बोरा पहले भी छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका के कारण चर्चा में रही हैं। जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य छात्र नेताओं के साथ 23 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई थी।
झारखंड और प्रयागराज के आंदोलनों में भी सक्रियता
अगस्त 2026 में रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ विधानसभा मार्च के दौरान नेहा के ऊपर स्याही फेंके जाने की घटना भी चर्चा में रही। सितंबर 2026 में प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन देने के कारण भी उनका नाम सुर्खियों में आया। इन घटनाओं के जरिए वह छात्र और युवा आंदोलनों से जुड़े एक चर्चित चेहरे के रूप में सामने आई हैं।
अभिजीत दीपके ने भी की तारीफ
CJP नेता और आंदोलनकारी अभिजीत दीपके ने हाल ही में नेहा बोरा की नेतृत्व क्षमता और प्रतिभा की सार्वजनिक रूप से सराहना की। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने नेहा को अभिजीत दीपके से अधिक प्रतिभाशाली बताते हुए उन्हें Gen-Z आइकॉन कहा था। इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए दीपके ने ‘I agree’ लिखकर अपनी सहमति जताई। इसके बाद नेहा बोरा को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और बढ़ गई।








