Jharkhand Election Ban: झारखंड में 14 प्रत्याशियों पर आयोग की बड़ी कार्रवाई

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anil Sen
28 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Priya Iyer
2 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anil Sen
3 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Nisha Shah
3 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं देने पर कार्रवाई
झारखंड में वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में उम्मीदवार रहे ऐसे प्रत्याशियों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया था। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे उम्मीदवारों को अगले तीन वर्षों तक चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा रहा है।
रामगढ़ और जामताड़ा के 14 प्रत्याशियों पर प्रतिबंध
इसी कार्रवाई के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने रामगढ़ के 10 और जामताड़ा के चार प्रत्याशियों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। आयोग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। प्रतिबंधित उम्मीदवार अगले तीन वर्षों तक पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
रामगढ़ के 10 प्रत्याशियों के नाम
रामगढ़ जिले में जिन 10 प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें मांडू के त्रिभुवन प्रसाद, मिथिलेश महतो, सबिता देवी और सुमति देवी शामिल हैं। इसके अलावा पतरातू क्षेत्र के रंजीत कुमार, खुशबू देवी, रंजीत कुमार, झरी मुंडा, रामफल बेदिया, अरविंद कुमार और उषा देवी के नाम भी सूची में शामिल हैं।
जामताड़ा के चार उम्मीदवारों पर कार्रवाई
जामताड़ा जिले के चार प्रत्याशियों के खिलाफ भी आयोग ने प्रतिबंध लगाया है। इनमें चंद्रेश्वर भैया, सिमली टुडू, ग्यास मियां और नरगिस खातून शामिल हैं। इन सभी को अगले तीन वर्षों तक पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी।
आयोग ने जारी की अधिसूचना
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रत्याशियों के विरुद्ध कार्रवाई की अधिसूचना जारी की है। चुनाव खर्च का विवरण निर्धारित अवधि में नहीं देना इस कार्रवाई का आधार बना है।
तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
आयोग के फैसले के अनुसार, प्रतिबंधित प्रत्याशी अगले तीन वर्षों तक पंचायत चुनाव के साथ-साथ नगर निकाय चुनाव में भी उम्मीदवार नहीं बन सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य चुनावी खर्च से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और निर्धारित प्रक्रिया के प्रति जवाबदेही बनाए रखना है।
चुनावी नियमों के पालन पर आयोग का जोर
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की यह कार्रवाई उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है, जो चुनाव लड़ने के बाद निर्धारित समय में खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते। आयोग ने रामगढ़ और जामताड़ा के कुल 14 प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन साल का प्रतिबंध लागू किया है।








