Irfan Ansari Controversy: मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर झारखंड में सियासी घमासान

Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Anjali Patil
57 मिनट पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Kabir Shukla
1 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Aarohi Chaudhary
4 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Simran Arora
4 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aditya Verma
6 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
इरफान अंसारी के बयान पर झारखंड में सियासी घमासान, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अपने एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद में घिर गए हैं। उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली में 40 लाख युवा और छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया तो भारत के हालात बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो सकते हैं। उनके इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राष्ट्रविरोधी करार दिया और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इरफान अंसारी के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री का यह दावा कि 40 लाख छात्र राहुल गांधी के इशारे का इंतजार कर रहे हैं, गंभीर चिंता का विषय है।
शाहदेव ने कहा कि पिछले तीन चुनावों में लगातार असफलताओं के बाद कांग्रेस देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसे बयानों को लेकर इरफान अंसारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
इरफान अंसारी ने क्या कहा था?
दरअसल, कांग्रेस नेता और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने एक इंटरव्यू के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी के शासन में युवा, किसान, मध्यम वर्ग, दलित, आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अंसारी ने कहा था कि दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की थी। उनके मुताबिक, 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल गांधी ने इन युवाओं को फिलहाल रोके रखा है।
मंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर ध्यान नहीं दिया तो देश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और हालात बांग्लादेश तथा नेपाल से भी बदतर हो सकते हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने भी की मंत्री को हटाने की मांग
इस विवाद में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी सामने आई है। संगठन ने इरफान अंसारी पर भड़काऊ बयान देने और राष्ट्रविरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए उन्हें झारखंड मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अंसारी के बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात पैदा होने की बात कर रहे हैं। बंसल ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
विहिप ने कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
विनोद बंसल ने कहा कि इरफान अंसारी को अपने बयान पर शर्म महसूस करनी चाहिए और तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या पार्टी देश के युवाओं को उकसाना और गुमराह करना चाहती है।
बंसल ने कहा कि भारत के लोकतंत्र, संविधान और व्यवस्था को चुनौती देने वाले बयानों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे देशविरोधी एजेंडा बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंत्री को हटाने की अपील
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इरफान अंसारी को मंत्रिमंडल से तत्काल हटाने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे विवादित बयान देने वाले व्यक्ति को मंत्रिमंडल में कैसे रखा जा सकता है।
फिलहाल इरफान अंसारी के बयान को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और विश्व हिंदू परिषद के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बीजेपी ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि विहिप ने मंत्री के इस्तीफे और सार्वजनिक माफी की मांग उठाई है।








