Telangana Entrepreneur Alleges Guest House Invite: तेलंगाना की महिला कारोबारी का आरोप, CM से जुड़े व्यक्ति ने गेस्ट हाउस बुलाया

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
महिला कारोबारी का आरोप
हैदराबाद स्थित मिथुना एड्स की प्रोपराइटर के. शोभा रेड्डी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाए हैं। शोभा रेड्डी का कहना है कि वह आउटडोर विज्ञापन कारोबार में वैध अवसर के लिए सरकार के सामने अपनी बात रख रही थीं।
गेस्ट हाउस बुलाने का दावा
शोभा रेड्डी के अनुसार, उन्होंने जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री के करीबी के तौर पर समझा, उसने उनके कारोबारी मामले पर चर्चा के लिए उन्हें एक गेस्ट हाउस आने को कहा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उस व्यक्ति का नाम बताने से इनकार किया और कहा कि उनका उद्देश्य मामले को राजनीतिक विवाद बनाना नहीं है।
तीन साल से अवसर की तलाश
कारोबारी के मुताबिक, वह करीब तीन वर्षों से आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र में कानूनी और उचित कारोबारी अवसर हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने नियमित टेंडर होने तक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल में काम देने के प्रस्ताव भी सरकार के सामने रखे हैं।
समान व्यवहार की मांग
शोभा रेड्डी ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात का समय देने की अपील की है। उनका कहना है कि वह किसी विशेष सुविधा या रियायत की मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि कानूनी अवसर, समान व्यवहार और सम्मान चाहती हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य होने की भी बात कही है।
आउटडोर विज्ञापन पर सवाल
शोभा रेड्डी ने अपने पोस्ट में कुछ विज्ञापन संरचनाओं के नोटिस के बावजूद जारी रहने और कुछ मामलों में पायलट प्रोजेक्ट तथा छूट या राहत दिए जाने का भी दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है।
विपक्ष ने मांगा जवाब
मामला सामने आने के बाद विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने सरकार से स्पष्टीकरण और मामले की जांच की मांग की है। BRS नेताओं ने संबंधित व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका स्पष्ट करने की मांग उठाई है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, तेलंगाना सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अभी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।








