Pakistan Emergency Crisis: पाकिस्तान में इमरजेंसी, PTI सरकार के अधिकारों पर रोक

Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेAise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.
Tanya Bajaj
2 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Dhruv Bhatt
2 घंटे पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
Monika Das
4 घंटे पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
Navya Nair
6 घंटे पहलेInternational politics bahut tezi se badal rahi hai.
Sonu rai
6 घंटे पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
पाकिस्तान में इमरजेंसी को लेकर राजनीतिक विवाद
पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और केंद्र सरकार के बीच तनाव बढ़ने की खबर है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रविवार 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इस फैसले के बाद प्रांत की PTI सरकार के अधिकारों पर रोक लगने की बात कही गई है। केंद्र सरकार ने इस कदम के पीछे बढ़ते आतंकी हमलों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को वजह बताया है।
केंद्र सरकार ने आतंकवाद और कानून-व्यवस्था को बताया वजह
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय और संघीय सरकार का कहना है कि प्रांतीय प्रशासन आतंकवाद से निपटने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया। संघीय कैबिनेट की मंजूरी और प्रधानमंत्री की सलाह के बाद राष्ट्रपति ने इमरजेंसी लागू करने के फैसले पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, PTI ने केंद्र के आरोपों को खारिज किया है और इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
राज्यपाल के नेतृत्व में चलेगा प्रांतीय प्रशासन
इमरजेंसी और गवर्नर शासन लागू होने के बाद खैबर पख्तूनख्वा की निर्वाचित सरकार के अधिकार निलंबित कर दिए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री और प्रांतीय मंत्रिमंडल की शक्तियां राज्यपाल को सौंप दी गई हैं और प्रशासन चलाने के लिए सलाहकार परिषद बनाने की व्यवस्था की गई है। इस कदम से प्रांत में केंद्र सरकार का नियंत्रण बढ़ गया है।
पेशावर में सुरक्षा बढ़ाई गई
इमरजेंसी लागू होने के बीच प्रांतीय राजधानी पेशावर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख सड़कों और सरकारी इमारतों के आसपास बैरिकेडिंग की गई तथा पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य संभावित विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
इमरान खान की रिहाई के लिए मार्च जारी
PTI समर्थकों का मार्च इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात की मांग को लेकर जारी था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ और कई जिलों से होकर गुजरा। पार्टी की योजना प्रदर्शन को इस्लामाबाद तक ले जाने की थी, लेकिन संघीय सरकार ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति देने पर आपत्ति जताई। PTI नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने की बात कही है।
PTI और शहबाज शरीफ सरकार के बीच टकराव बढ़ा
खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी और गवर्नर शासन लागू होने से PTI तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा गया है। केंद्र सरकार ने इस फैसले को सुरक्षा की स्थिति से जोड़कर उचित ठहराया है, जबकि PTI इसे अपने नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार के अधिकारों पर हमला मान रही है। आने वाले दिनों में कानूनी चुनौती, विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा स्थिति पर इस फैसले का असर महत्वपूर्ण रहेगा।







