Dhruv Rathee Citizenship: ध्रुव राठी ने दिखाया भारतीय पासपोर्ट, बोले- ‘मैं भारतीय नागरिक था, हूं और हमेशा रहूंगा’
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Vihaan Patel
3 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Tanya Bajaj
4 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Sonu rai
6 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
मशहूर यूट्यूबर और राजनीतिक विश्लेषक ध्रुव राठी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। 11 अक्टूबर 2026 को हिरासत से रिहा होने के बाद जारी किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाया और नागरिकता को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। ध्रुव राठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह भारतीय नागरिक थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी नागरिकता और हालिया हिरासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भारतीय पासपोर्ट दिखाकर ध्रुव राठी ने क्या कहा?
ध्रुव राठी ने अपने वीडियो संदेश में भारतीय पासपोर्ट दिखाते हुए अपनी नागरिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने विदेशी नागरिकता से जुड़े उन दावों को खारिज किया, जिनकी चर्चा कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में हो रही थी। उनके इस बयान को अपनी राष्ट्रीयता को लेकर उठ रहे सवालों का सीधा जवाब माना जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पासपोर्ट दिखाना उनके बयान का हिस्सा है और नागरिकता से जुड़े किसी भी आधिकारिक निष्कर्ष के लिए संबंधित दस्तावेजों एवं प्रामाणिक जानकारी को ही आधार माना जाना चाहिए।
गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में लिए गए थे ध्रुव राठी
यह पूरा मामला 10 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जब ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से पुलिस हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उस समय दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। ध्रुव राठी के भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना बताई गई थी। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। उनकी हिरासत के आधार और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं।
हिरासत के बाद वीडियो में ध्रुव राठी ने लगाए आरोप
रिहाई के बाद जारी वीडियो में ध्रुव राठी ने अपनी हिरासत के अनुभव के बारे में बात की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गुरुग्राम स्थित घर से जबरन ले जाया गया और इस घटना को सामान्य हिरासत के बजाय ‘किडनैपिंग’ बताया। ये आरोप ध्रुव राठी की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस का पक्ष और हिरासत से संबंधित आधिकारिक विवरण अलग से देखना महत्वपूर्ण है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को समझा जा सके।
जर्मनी में रहने को लेकर भी उठे थे सवाल
ध्रुव राठी के जर्मनी में रहने को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही है। कुछ आलोचकों ने उनके निवास और नागरिकता के बीच संबंध को लेकर सवाल उठाए थे। हालिया वीडियो में भारतीय पासपोर्ट दिखाकर उन्होंने इन चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, किसी व्यक्ति का विदेश में रहना और उसकी राष्ट्रीयता दो अलग-अलग विषय हैं। इसलिए नागरिकता से जुड़े दावों पर निष्कर्ष निकालते समय अटकलों के बजाय प्रमाणिक तथ्यों को महत्व देना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर बयान को लेकर बढ़ी चर्चा
ध्रुव राठी के वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके नागरिकता संबंधी बयान पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि अन्य यूजर्स उनकी हिरासत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले में नागरिकता संबंधी बयान, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन तीनों अलग-अलग पहलू हैं, जिन पर तथ्यों के आधार पर चर्चा की जानी चाहिए।
निष्कर्ष: ध्रुव राठी का भारतीय पासपोर्ट दिखाते हुए दिया गया बयान उनकी रिहाई के बाद सामने आया एक प्रमुख घटनाक्रम है। इससे नागरिकता को लेकर चल रही चर्चाओं को नया आधार मिला है। वहीं, उनकी हिरासत की परिस्थितियों और उससे जुड़े आरोपों पर स्थिति को पूरी तरह समझने के लिए संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय रिपोर्टों पर नजर रखना आवश्यक है।








