SFI Plans Nationwide SIR Protests: एसआईआर के खिलाफ देशभर में आंदोलन की तैयारी

Anil Sen
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Dhruv Bhatt
40 मिनट पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Simran Arora
2 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Tanya Bajaj
3 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ravi sinha
5 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aryan Malhotra
6 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
एसएफआई ने देशभर में एसआईआर विरोधी आंदोलन का ऐलान किया
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के अध्यक्ष आदर्श एम साजी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आंदोलन को दिल्ली से बाहर देशभर में फैलाने की योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि संगठन विभिन्न राज्यों और शैक्षणिक परिसरों में विरोध प्रदर्शन करेगा। साजी के मुताबिक, इस आंदोलन का उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं को सामने लाना है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मारपीट का आरोप
आदर्श एम साजी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें और 100 से अधिक छात्रों को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन बसों और जेल वैन में ले जाया गया। साजी के अनुसार, हिरासत के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट हुई और उन्हें करीब डेढ़ से दो घंटे तक रखा गया। ये आरोप एसएफआई प्रमुख के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
वैन की खिड़कियां ढकी होने का दावा
साजी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को जिस वैन में ले जाया गया, उसकी खिड़कियां काले कपड़े से ढकी हुई थीं, जिससे उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्र बेहोश हो गए और महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फट गए। इसके अलावा, उन्होंने सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों पर प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं, के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। इन दावों पर संबंधित पक्षों की विस्तृत पुष्टि जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया भ्रामक
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए घटनाक्रम से जुड़े कुछ बयानों को भ्रामक बताया है। वहीं, साजी ने पुलिस के रुख को खारिज करते हुए दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। इस मामले में पुलिस के आधिकारिक पक्ष और प्रदर्शनकारियों के आरोपों के बीच मतभेद दिखाई दे रहा है।
विपक्षी और छात्र संगठनों से एकजुटता की कोशिश
साजी ने कहा कि माकपा सांसद जॉन ब्रिटास प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे थे और उन्होंने भी कथित घटना का सामना किया। उनके अनुसार, एसएफआई इस मुद्दे पर अन्य लोकतांत्रिक संगठनों और आंदोलनों के साथ मिलकर काम करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि कई वामपंथी छात्र संगठनों के बीच बातचीत हुई है और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) समेत अन्य छात्र समूहों के साथ व्यापक गठबंधन बनाने पर चर्चा की जा रही है।
हर राज्य और कैंपस में विरोध की योजना
एसएफआई अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने प्रत्येक राज्य और शैक्षणिक परिसर में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही। साजी ने एसआईआर प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक बताते हुए आरोप लगाया कि इससे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने छात्रों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों को भी आंदोलन का हिस्सा बताया। हालांकि, मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से संबंधित विशिष्ट आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के बीच बहस जारी है। समर्थकों के अनुसार, मतदाता सूची की जांच से उसकी शुद्धता बेहतर हो सकती है, जबकि विरोध करने वाले दल और संगठन प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। एसएफआई की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा से इस मुद्दे पर राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।







