भोपाल के LNCT ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई: 200 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज

Navya Nair
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
राजधानी भोपाल के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल LNCT ग्रुप एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित 200 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन से जुड़े मामले में समूह के विभिन्न परिसरों और संबंधित ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। एजेंसी फिलहाल दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
EOW की FIR के बाद शुरू हुई ED की जांच
मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 में दर्ज प्रकरण में छात्रों की फीस, स्कॉलरशिप और शिक्षा ऋण से जुड़े वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इसी आधार पर ईडी ने मामले को अपने दायरे में लेकर जांच शुरू की।
भोपाल के साथ इंदौर और बिलासपुर में भी तलाशी
सूत्रों के अनुसार ईडी की कार्रवाई केवल भोपाल तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी ने इंदौर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित संस्थान से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
छात्रों की फीस और स्कॉलरशिप जांच के केंद्र में
जांच एजेंसियों का फोकस छात्रों से वसूली गई फीस, हॉस्टल शुल्क, बस फीस, छात्रवृत्ति और एजुकेशन लोन की राशि पर है। आरोप है कि शिक्षा से संबंधित मदों में प्राप्त धनराशि को निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य खातों और कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन फंड्स का वास्तविक उपयोग कहां और किस उद्देश्य से किया गया।
200 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप
EOW की एफआईआर के अनुसार पूरे मामले में करीब 200 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि संस्था को प्राप्त होने वाली कुछ रकम का उपयोग कथित रूप से अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया गया। मामले में समूह से जुड़े कई पदाधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों को जांच के दायरे में रखा गया है।
एजुकेशन लोन के दुरुपयोग के आरोपों की भी पड़ताल
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि शिक्षा और संस्थागत विकास के लिए लिए गए बैंक ऋणों का उपयोग निर्धारित कार्यों में हुआ या नहीं। आरोप है कि कुछ ऋण राशि को अन्य निजी उद्देश्यों और कंपनियों में लगाया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
डिजिटल साक्ष्यों से धन के प्रवाह की पड़ताल
ईडी फिलहाल बैंक खातों, अकाउंट स्टेटमेंट, संपत्ति दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से कथित धन के प्रवाह का विश्लेषण कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों के बीच धन का हस्तांतरण किस प्रकार हुआ और क्या उसमें धनशोधन के तत्व मौजूद हैं।
शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
LNCT ग्रुप प्रदेश के सबसे बड़े निजी शैक्षणिक समूहों में से एक माना जाता है। ऐसे में ईडी की इस कार्रवाई ने शिक्षा जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती हैं।
अभी तक नहीं आया आधिकारिक पक्ष
मामले में संस्थान के संचालकों और संबंधित पक्षों से संपर्क करने के प्रयास किए गए, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। जांच जारी है और एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






