रांची में भूख हड़ताल से आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का महाआंदोलन तेज

Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Simran Arora
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Sonu rai
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Kunal Rao
1 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Saanvi Pandey
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Anjali Patil
1 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pihu Agarwal
2 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ishaan Tiwari
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Taushif Shekh
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Saanvi Pandey
3 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Simran Arora
3 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Ananya Sharma
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sneha Menon
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। हजारों छात्र उनके समर्थन में धरने पर बैठे हैं। आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। छात्र इसे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की लड़ाई बता रहे हैं।
मशाल जुलूस में उमड़ा छात्रों का जनसैलाब
आंदोलन के समर्थन में हजारों छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में आवाज बुलंद की। कई छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। राजधानी रांची में देर शाम तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
CBI-ED जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परिणाम जारी करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई। छात्र पूरे मामले की जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की भी मांग उठाई गई है। आंदोलन का मुख्य मुद्दा युवाओं को निष्पक्ष अवसर दिलाना बताया जा रहा है।
सरकार की कार्रवाई पर छात्रों का अविश्वास
राज्य सरकार की SIT और CID कई स्थानों पर छापेमारी कर अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। पूर्व JPSC अध्यक्ष से पूछताछ के बाद उनका इस्तीफा भी हो चुका है। इसके बावजूद छात्र इन कार्रवाइयों को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराने में गंभीर नहीं दिख रही। इसी कारण आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी
छात्र संगठनों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का महाघेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इस कार्यक्रम में शामिल होने की घोषणा की है। प्रशासन भी संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी में जुट गया है।
राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा मुद्दा
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद अब झारखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ कुछ राजनीतिक दलों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कर रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।







