असम में भूमि अधिकार कार्यकर्ता पर लगा NSA: काजीरंगा होटल प्रोजेक्ट विवाद में नया मोड़

काजीरंगा होटल प्रोजेक्ट विवाद में नया मोड़
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Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Riya Jain

Riya Jain

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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असम सरकार ने भूमि अधिकार और पर्यावरण कार्यकर्ता प्रणब डोले के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। डोले काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित लग्जरी होटल परियोजना का विरोध कर रहे थे। सरकार के इस कदम के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया है।


काजीरंगा होटल प्रोजेक्ट बना विवाद की वजह
प्रणब डोले स्थानीय आदिवासी और चाय जनजाति समुदायों के भूमि अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनका विरोध काजीरंगा के पास प्रस्तावित एक बड़े होटल प्रोजेक्ट को लेकर था। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़ा है। वहीं पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है।


जमानत मिलने के बाद सरकार ने लगाया NSA
गोलाघाट जिला अदालत ने 29 जुलाई को प्रणब डोले को नियमित मामले में जमानत दे दी थी। इसके बाद असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग ने उनके खिलाफ निवारक निरोध के तहत NSA लगाने का आदेश जारी किया। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं और इसे अदालत के फैसले को प्रभावित करने वाला कदम बताया है।

 

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रणब डोले पर NSA लगाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाजों को दबाने के लिए कठोर कानूनों का इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।


सरकार के आरोप और प्रशासन का पक्ष
प्रशासन की ओर से कार्यकर्ता पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अन्य आरोपों का हवाला दिया गया है। सरकार का तर्क है कि निवारक निरोध कानून सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया गया है। वहीं विपक्ष और सामाजिक संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।


NSA कार्रवाई पर देशभर में चर्चा
प्रणब डोले मामले ने पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी अधिकार और राज्य की शक्तियों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की समीक्षा की मांग की है। फिलहाल यह मामला असम की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है।

 

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Aarav Sharma

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Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Riya Jain

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

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Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Shruti Bajpai

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Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Kunal Rao

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ananya Sharma

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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