विदिशा के CM राइज स्कूल में चौंकाने वाला रिजल्ट: कक्षा 9 के 93 में से 92 छात्र फेल
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मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी से शिक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां CM राइज स्कूल (योजना सांदीपनि) के परीक्षा परिणामों ने सभी को हैरान कर दिया। स्कूल के नतीजों में बड़ी संख्या में छात्र फेल हो गए, जिसके बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
कक्षा 9 के सेक्शन C में सिर्फ एक छात्र पास
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा कक्षा 9 के सेक्शन C का है, जहां कुल 93 छात्रों में से 92 छात्र फेल हो गए। यानी पूरे सेक्शन में सिर्फ 1 छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाया। यह परिणाम करीब 99 प्रतिशत फेलियर रेट को दर्शाता है, जिसने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरे स्कूल का भी बेहद खराब प्रदर्शन
केवल एक सेक्शन ही नहीं, बल्कि पूरे स्कूल का परिणाम भी बेहद निराशाजनक रहा। जानकारी के अनुसार स्कूल के कुल 335 छात्रों में से 245 छात्र परीक्षा में असफल रहे। इतने बड़े स्तर पर फेल होने से शिक्षा की गुणवत्ता, पढ़ाई के स्तर और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।
अभिभावकों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिणाम सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से नहीं कराई गई और शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभाई। अभिभावकों ने दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक उमाकांत शर्मा ने जताई नाराजगी
इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की ऐसी हालत बेहद चिंताजनक है और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जांच कर आवश्यक सुधार करने चाहिए।
स्कूल प्रबंधन ने दिया आश्वासन
मामले के बढ़ने के बाद स्कूल प्राचार्य ने कहा है कि फेल हुए छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित की जाएगी। साथ ही कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं भी चलाई जाएंगी ताकि उनका भविष्य खराब न हो।
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
CM राइज स्कूल जैसी योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाएं देना है, लेकिन इस तरह के परिणाम यह दिखाते हैं कि केवल भवन और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदार शिक्षण व्यवस्था की भी उतनी ही जरूरत है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।




