Mirzapur accident: मिर्जापुर क्रशर हादसा: डग गिरने से 4 मजदूरों की मौत

Ravi sinha
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sai Mehta
7 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ananya Sharma
7 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Pranav Srivastava
8 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Kunal Rao
9 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nidhi kumari
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Priya Iyer
10 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kavya Mishra
12 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ravi sinha
13 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Kavya Mishra
13 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Payal jadon
14 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एसएस रंजन स्टोन क्रशर प्लांट में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। प्लांट के पास स्थित दूसरी खदान में भारी ब्लास्टिंग की गई थी। ब्लास्टिंग से पैदा हुए तेज कंपन के कारण क्रशर प्लांट का जर्जर डग ढह गया। यह कमरा प्लांट के पावर हाउस के रूप में इस्तेमाल होता था और इसी में मजदूरों ने ब्लास्टिंग से बचने के लिए शरण ली थी। कमरा अचानक मलबे में तब्दील हो गया और चार मजदूर उसके नीचे दब गए।
मलबे में दबकर चार मजदूरों की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान दुर्योधन विश्वकर्मा, अशोक गोंड, लालबहादुर बैगा और राकेश गोंड के रूप में हुई है। रिपोर्टों में उनकी उम्र क्रमशः 34, 38, 35 और 30 वर्ष बताई गई है। चारों मजदूर एसएस रंजन क्रशर प्लांट में मजदूरी करते थे। हादसे के बाद मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतकों के नाम और उम्र
हादसे में दुर्योधन विश्वकर्मा की उम्र 34 वर्ष, अशोक गोंड की 38 वर्ष, लालबहादुर बैगा की 35 वर्ष और राकेश गोंड की 30 वर्ष बताई गई है। सभी मजदूर बड़गवां गांव के निवासी थे और रोजी-रोटी के लिए क्रशर प्लांट में काम कर रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद सोनभद्र स्थित उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
पांच नामजद लोगों पर FIR
मृतक दुर्योधन के चचेरे भाई सूर्यबली की शिकायत पर 6 सितंबर की रात अहरौरा थाने में मामला दर्ज किया गया। FIR में खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग करने वाले मनोज यादव, क्रशर से जुड़े शिवकुमार पटेल उर्फ पिंटू, विनोद पटेल और आनंद पटेल समेत अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
हादसे के बाद मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी पूनम, डीएम पवन कुमार गंगवार और एसपी अपर्णा रजक कौशिक समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में ब्लास्टिंग की स्थिति, जर्जर कमरे की हालत और क्रशर प्लांट में सुरक्षा इंतजामों समेत अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है।
परिजनों को 15-15 लाख रुपये की सहायता
हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। क्रशर कंपनी की ओर से मृतक मजदूरों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये सहायता राशि के चेक दिए गए। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 25-25 हजार रुपये की सहायता भी दी गई। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।





