Parole To Attend Mothers Funeral: मां के अंतिम संस्कार के लिए मिली 5 घंटे की पैरोल
Anjali Patil
4 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
5 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Kavya Mishra
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ishaan Tiwari
6 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Vaishali shinde
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Dhruv Bhatt
10 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ravi sinha
10 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
बांग्लादेश की जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास को उनकी मां संध्या रानी धर के निधन के बाद अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए महज पांच घंटे की सशर्त पैरोल दी गई। चटगांव जिला प्रशासन की अनुमति के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में जेल से बाहर लाया गया। उनकी मां का बीमारी के चलते निधन हुआ था और रिपोर्टों के मुताबिक परिवार की ओर से पहले भी उन्हें मां से मिलने के लिए पैरोल देने का अनुरोध किया गया था। हालांकि मां के निधन के बाद ही अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उन्हें अस्थायी राहत मिली। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और उनके आने-जाने के रास्ते पर भी पुलिस की तैनाती रही।
पंडरीक धाम मंदिर में पहुंचे चिन्मय दास
मां के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद चिन्मय कृष्ण दास चटगांव के पंडरीक धाम मंदिर पहुंचे। जेल से बाहर बिताए गए सीमित समय के दौरान उनका मंदिर पहुंचना भी इस पूरे घटनाक्रम का भावुक हिस्सा बन गया। मंदिर में वह पीले वस्त्रों में नजर आए और श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। करीब दो साल से जेल में रहने के बाद मां के निधन और अंतिम संस्कार की परिस्थितियों के बीच मंदिर में उनका भावुक होना लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किए गए।
राधा-कृष्ण के सामने रो पड़े चिन्मय दास
मंदिर के गर्भगृह में श्री राधा-कृष्ण के दर्शन करते समय चिन्मय कृष्ण दास बेहद भावुक दिखाई दिए। सामने भगवान की प्रतिमा को देखकर वह अपने आंसू नहीं रोक पाए और रोते हुए भगवान के चरणों को स्पर्श कर साष्टांग प्रणाम किया। मां के अंतिम संस्कार के लिए जेल से बाहर आने के बाद सामने आया यह भावुक दृश्य अब सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में उनका भावुक होकर भगवान के सामने झुकना और कुछ देर तक प्रार्थना करते नजर आना लोगों को भावुक कर रहा है।
मां की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी
चिन्मय कृष्ण दास की मां संध्या रानी धर का बीमारी के बाद निधन हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक वह अपने बेटे को अंतिम समय में देखना चाहती थीं, लेकिन चिन्मय के जेल में होने के कारण उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। मां के निधन के बाद परिवार की ओर से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल की मांग की गई और चटगांव के डिप्टी कमिश्नर के आदेश के बाद उन्हें पांच घंटे के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिली। इस घटनाक्रम ने परिवार के लिए बेहद भावुक स्थिति पैदा कर दी, क्योंकि चिन्मय अपनी मां के अंतिम समय में उनके पास नहीं पहुंच सके।
पुलिस सुरक्षा में मंदिर से वापस जेल ले जाया गया
पांच घंटे की पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद चिन्मय कृष्ण दास को पुलिस सुरक्षा के बीच दोबारा चटगांव सेंट्रल जेल ले जाया गया। रिपोर्टों के अनुसार वह शाम करीब आठ बजे जेल वापस पहुंच गए। उनके बाहर आने और वापस जेल ले जाए जाने के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने उनके रास्ते और अंतिम संस्कार स्थल के आसपास भी अतिरिक्त सुरक्षा लगाई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। इस दौरान उनकी हर गतिविधि पुलिस निगरानी में रही और पैरोल की निर्धारित अवधि समाप्त होते ही उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
भावुक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
चिन्मय कृष्ण दास के मंदिर में भगवान श्री राधा-कृष्ण के सामने भावुक होने का वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मिली सीमित पैरोल, अंतिम रस्में पूरी करना और फिर मंदिर में पहुंचकर भगवान के चरणों में झुकना इस पूरे घटनाक्रम को भावनात्मक बना रहा है। चिन्मय कृष्ण दास नवंबर 2024 से बांग्लादेश की जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। फिलहाल वह पांच घंटे की पैरोल पूरी करने के बाद वापस जेल पहुंच चुके हैं, जबकि उनकी मां के निधन और अंतिम संस्कार से जुड़ी यह भावुक तस्वीरें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।






