महाराष्ट्र बंद: VBA के 3500 कार्यकर्ता हिरासत में: प्रकाश आंबेडकर के बंद पर पुलिस का बड़ा एक्शन

Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ritika Ghosh
16 मिनट पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Aarav Sharma
49 मिनट पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Reyansh Joshi
57 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Sai Mehta
1 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kabir Shukla
1 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Monika Das
2 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Riya Jain
2 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ravi sinha
2 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Pranav Srivastava
4 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
महाराष्ट्र बंद का ऐलान, राज्यभर में सुरक्षा अलर्ट
दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक विवाद के विरोध में वंचित बहुजन आघाडी (VBA) ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया। बंद को कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुंबई, पुणे, नागपुर सहित कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
3500 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में
प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया कि बंद शुरू होने से पहले ही राज्यभर में उनकी पार्टी के लगभग 3500 से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। मुंबई प्रदेश अध्यक्ष चेतन अहिरे को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। VBA ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई।
सड़क पर प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
मुंबई के पनवेल-सायन रोड, चेंबूर, विरार और पुणे के कोथरुड समेत कई इलाकों में कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोको आंदोलन किया। प्रदर्शन के कारण कई मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया। आम नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
VBA और अन्य विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा गया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई। विपक्ष ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया।
आवश्यक सेवाएं सामान्य, प्रशासन सतर्क
बंद के बावजूद अस्पताल, एम्बुलेंस, मेडिकल स्टोर, दूध आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। मुंबई लोकल ट्रेन, मेट्रो और अधिकांश सरकारी सेवाएं भी जारी रहीं। कुछ बाजारों में आंशिक बंद का असर देखने को मिला। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
महाराष्ट्र बंद के बाद राज्य की राजनीति और गर्मा गई है। विपक्ष इसे छात्रों के समर्थन का आंदोलन बता रहा है, जबकि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि छात्र आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।





